पंचकूला। कोविड वार्ड में ड्यूटी करने वाली एक निजी अस्पताल की नर्स को कोरोना होने के तीन दिन बाद ही उसका इलाज बंद करके रातों रात अस्पताल से निकालने का मामला सामने आया है। यह नर्स मूलरूप से हिमाचल की रहने वाली है। उसने चार अक्तूबर को जिले के इस निजी अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन की थी।
नर्स के अनुसार उसकी ड्यूटी कोविड वार्ड में थी। मरीजों की केयर करते-करते उसको भी कोरोना हो गया। इसका पता उसको तब चला जब 21 अप्रैल 2021 को उसको काफी उल्टियां आईं और उसको बुखार आ गया। इसके बाद नर्स का कोविड टेस्ट करवाया गया। वह नर्स 27 अप्रैल तक ऑक्सीजन मास्क पर रही। नर्स ने बताया कि 27 अप्रैल को ही उससे कहा गया कि वह ठीक हो गई है, उसको डिस्चार्ज किया जा रहा है। अस्पताल ने उसका आरटी पीसीआर टेस्ट दोबारा नहीं करवाया।
नर्स ने बताया कि उसको रात के समय ही अस्पताल से जाने को कहा गया। नर्स ने बताया कि किसी तरह से उसने एंबुलेंस मंगवाई और पंचकूला के ही एक कोविड सेंटर में चली आईं। इसकी वजह थी, उसके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी। इस मामले में नर्स ने पुलिस से मदद लेने का प्रयास भी किया लेकिन किसी ने मदद नहीं की। नर्स का कहना है कि न तो पुलिस ने उनकी सुनी न ही प्रशासन ने।