पंचकूला। किसी भी नीति या योजना की सफलता की नींव सटीक आंकड़ो के संग्रहण और उनके वैज्ञानिक विश्लेषण पर आधारित होती है। अगर आंकड़ों को व्यवस्थित ढंग से एकत्रित कर उनका गहन विश्लेषण किया जाए, तो योजनाओं को अधिक प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा सकता है। यह विचार हरियाणा सरकार के अर्थ एवं सांख्यिकी विश्लेषण विभाग के निदेशक मनोज कुमार गोयल ने रविवार को 9वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर व्यक्त किए। वह पंचकूला स्थित योजना भवन में आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के माध्यम से हम देश और प्रदेश की प्रगति की दिशा और दशा का मूल्यांकन कर सकते हैं। अगर आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर किसी योजना में कमियां सामने आती हैं, तो समय रहते उनमें सुधार किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत को वर्ष-2047 तक विकसित राष्ट्र और हरियाणा को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य में आंकड़े एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि इस दिशा में आंकड़ों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर उन्होंने भारत के महान सांख्यिकीविद् और अर्थशास्त्री प्रो. प्रशांत चंद्र माहालनोबिस को श्रद्धांजलि अर्पित की और बताया कि यह दिवस उनके उल्लेखनीय योगदान की स्मृति में मनाया जाता है।
इस दौरान विभाग के अनुसंधान अधिकारियों ने विभिन्न शाखाओं के कार्यों पर प्रस्तुतियां दीं तथा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण की 75 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली सरकार की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में उपयोगी आंकड़े प्रदान करती रही है। इस अवसर पर विभाग के संयुक्त निदेशक जगदीश जालंधरा, उपनिदेशक महेंद्र सिंह, नरेश कुहाड़, लक्की अरोड़ा और जयवीर नरवाल ने भी अपने विचार साझा किए।