रात में ट्राला पलटने से बच्चे समेत दो की मौत, लोगों ने कहा-दिन में होता तो और भी भयावह होते हालात
सौरव यादव
कालका। प्राचीन श्री काली माता मंदिर के समीप गत दिवस हुई सड़क दुर्घटना को लेकर शहर में शोक की लहर है। शनिवार-रविवार देर रात हुए इस हादसे में एक 5 वर्षीय बच्चे सहित ट्राला चालक की मौत हो गई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि काली माता मंदिर मोड़ पर पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
मंदिर के सामने सड़क पर तीखा मोड़ है, जबकि हिमाचल की ओर से आने वाले वाहनों की ढलान के कारण उनकी रफ्तार तेज रहती है। ऐसे में इस स्थान पर हादसों की आशंका अधिक बनी रहती है। इससे पहले 22 नवंबर 2023 को भी एक टैंकर ब्रेक फेल होने के कारण मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया था, हालांकि उस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी। इसके अलावा भी यहां कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
स्थानीय निवासी बॉबी, बोनी, सुनील पुरी सहित अन्य लोगों ने बताया कि ट्राला पलटने की यह घटना देर रात हुई, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। उनका कहना है कि यदि यह हादसा दिन के समय होता तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। उन्होंने बताया कि दिन के समय मंदिर में भवन के नव निर्माण कार्य के चलते श्रद्धालु प्रवेश द्वार पर लगी एलईडी के माध्यम से दर्शन करते हैं। इसके साथ ही मंदिर के पास बनी दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में दिन के समय हादसा होता तो इसके और भी गंभीर परिणाम हो सकते थे।
समाजसेवी संतराम शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर के पास बने मोड़ पर सड़क सुरक्षा की समीक्षा के लिए विशेष कमेटी गठित की जाए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसों के कारणों की गहन जांच कर स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने एसडीएम से इस मामले में हस्तक्षेप करने की भी मांग की है। संवाद
कोट
हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हो।
-संयम गर्ग, एसडीएम कालका