चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के 78 विभागों में लगभग 350 शिक्षकों के रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे। पीयू पिछले काफी समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा था। इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर देखने को मिल रहा था। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों को नए शिक्षकों की भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पीयू में खाली पड़े पदों पर जल्द भर्ती होगी। पंजाब यूनिवर्सिटी ने हाल ही में 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों के खाली पदों को भरने के लिए वैकेंसी निकाली थी, लेकिन सिंडिकेट ने इस पर रोक लगा दी थी। यूजीसी के आदेश के बाद भर्ती पर लगी रोक भी हट जाएगी।
10 नवंबर से पहले यूजीसी को देनी है जानकारी
यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी और कालेजों में शिक्षकों की कमी को गंभीरता से लिया है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जल्द ही शिक्षकों की भर्ती के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी यूनिवर्सिटी को 10 नवंबर से पहले यूजीसी की वेबसाइट पर रिक्त पदों संबंधी जानकारी अपलोड करनी होगी। अगर खाली पदों संबंधी भर्ती में कोई देरी होती है तो ऐसे शिक्षण संस्थानों पर यूजीसी की तरफ से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पीयू रैंकिंग में पिछड़ा
पीयू में स्टूडेंट्स ज्यादा और स्टाफ कम होने के कारण वर्ल्ड रैंकिंग में पिछड़ गया है। क्यू एस वर्ल्ड रैंकिंग में पीयू आखिरी पायदान पर रहा। इस बार भी पीयू इंडिया के टॉप 50 में 49वें स्थान पर रहा। जानकारों के मुताबिक इसका बड़ा कारण स्टूडेंट टीचर रेशो ठीक नहीं होना है।
वीसी ने कई बार भेजा एमएचआरडी को प्रस्ताव
पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षकों और कर्मचारियों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए वीसी प्रो. राजकुमार ने भी कई बार मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अवगत करवाया है।