चंडीगढ़। शहर के विभिन्न सेक्टरों से मैनहोल के ढक्कन चोरी हो गए हैं। खास बात यह है कि इन पर चंडीगढ़ का नक्शा बना था। ये ढक्कन सेक्टर-22 और 23 की डिवाडिंग रोड के साइकिल ट्रैक से दो-तीन दिन पहले चोरी हुए हैं। हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने पत्र लिखकर पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से इस चोरी की जांच की मांग की है।
प्रशासक को लिखे पत्र में अजय जग्गा ने कहा है कि चंडीगढ़ के नक्शे वाले मैनहोल के ढक्कन की पहले भी चोरी हुए हैं। जग्गा के मुताबिक, ये ढक्कन ली कार्बूजिए ने चंडीगढ़ के निर्माण के समय डिजाइन किया था, इसलिए यह शहर के लिए धरोहर हैं और ऐसे में इनकी चोरी एक गंभीर मामला है, जिसकी एक तय समय के अंदर जांच होनी चाहिए। इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है जो शहर के हेरिटेज सामानों की चोरी कर रहा हो। उन्होंने बताया कि करीब 13 साल पहले ऐसे ही एक ढक्कन की इंग्लैंड में निलामी हुई थी, जिसे वहां पर करीब 11 लाख रुपये में खरीदा गया था।
प्रशासक से मिलकर शहर के हेरिटेज को बचाने की अपील की
हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से भी मिले। उन्होंने प्रशासक को बताया कि चंडीगढ़ के हेरिटेज को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लगातार हेरिटेज फर्नीचर की चोरी हो रही है, जिसे विदेश में करोड़ों में बेचा जा रहा है। चंडीगढ़ को हेरिटेज शहर का दर्जा दिलाना है तो इसके हेरिटेज सामानों को संभालकर रखना होगा। अजय जग्गा ने प्रशासक के मांग की है कि वह केंद्र सरकार के साथ मिलकर शहर को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए। प्रशासक ने इस मामले की लिखित में जानकारी मांगी है।
इसलिए विदेश में लाखों में बिकता है यह ढक्कन
इन ढक्कनों पर चंडीगढ़ का पूरा नक्शा बना हुआ है। ढक्कन के ऊपरी हिस्से में बीच से दायीं तरफ जाती दो लाइनें असल में सुखना झील को सींचने वाली बरसाती नदी है और इन लाइनों के खत्म होने पर बना त्रिकोण सुखना झील है। नीचे चकोर खाने शहर के सेक्टर हैं और उसी पैटर्न पर बने हैं, जिस पर शहर के सेक्टर बसे हुए हैं। जानकारी के अनुसार इन ढक्कनों को इस तरह डिजाइन किया गया था कि शहर के सारे मेनहोलों के ढक्कन एक ही दिशा यानी सीधे ही फिट हो सकते थे। शहर की पहचान इन ढक्कनों की कीमत के बारे में चंडीगढ़ के अफसरों को तब पता चला जब विदेश में इसकी निलामी की खबर आई थी। आर्किटेक्चर के दीवानों ने विदेश में कुछ साल पहले इन ढक्कनों को मुंह मांगी कीमतों पर खरीदा। जिसके बाद चंडीगढ़ के अफसर इनको लेकर जागरूक हुए।