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परिवहन मंत्री को आप ने भेजी ट्रांसपोर्ट माफिया की सूची, कार्रवाई की मांग

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आम आदमी पार्टी (पंजाब) के नेता दिनेश चड्ढा ने पंजाब के ट्रांसपोर्ट मंत्री राजा वडि़ंग को पत्र के जरिए ट्रांसपोर्ट माफिया की सूची भेज कर कार्रवाई की मांग की है। पत्र के साथ उन्होंने विभागीय मंत्री को इसके सबूत भी भेजे हैं कि अब तक कैसे अकाली और कांग्रेस सरकारों के राज में ट्रांसपोर्ट माफिया ने पंजाब के खजाने को लूटा है। उन्होंने कहा है कि हाईकोर्ट ने भी जजमेंट में लिखा है कि परमिटों में बढ़ोतरी से सरकारी परमिट खत्म हो जाएंगे।
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पार्टी मुख्यालय से रविवार को जारी बयान में दिनेश चड्ढा ने बताया कि उन्होंने ट्रांसपोर्ट मंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले बस परमिट में सरकारी और निजी बसों के परमिटों की संख्या निश्चित होती है। उदाहरण के तौर पर 1990 में स्टेट हाईवे पर सरकारी और प्राइवेट परमिटों का कोटा 50-50 प्रतिशत था, लेकिन उस समय से लेकर आज तक की अकाली और कांग्रेस सरकारों की मिलीभगत के साथ सियासी लोगों को निजी कोटे से अधिक परमिट देने के लिए ट्रांसपोर्ट नीति की उल्लंघना की गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी कोटे को अप्रत्यक्ष रूप से खत्म करने के लिए निजी बसों के परमिटों को 5-5 गुना बढ़ा दिया गया और एक परमिट में 10-10 बार बढ़ोतरी की गई।
चड्ढा ने पत्र के साथ ही सबूत के तौर पर ओरबिट और न्यू दीप ट्रांसपोर्ट के बस परमिटों की सूची भेजते हुए ट्रांसपोर्ट मंत्री को बताया कि ओरबिट का मुक्तसर से मलोट का 32 किमी रूट 6 बार बढ़ाकर मोगा तक 147 किमी किया गया, फिरोजपुर से मुक्तसर 56 किमी रूट 10 बार बढ़ाकर 147 किमी किया गया, रामा से लुधियाना का 190 किमी रूट चुगियां गढ़शंकर तक 277 किमी किया गया, बठिंडा से मानसा का 128 किमी रूट बरनाला तक 254 किमी कर दिया गया।
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गुरदासपुर से चंडीगढ़ का 171 किमी रूट डेरा बाबा नानक तक 271 किमी किया गया। इसी प्रकार न्यू दीप बस का जैतों-गिद्दड़बाहा 100 किमी रूट अन्य स्टेशन तक 328 किमी कर दिया गया और बठिंडा-महिमा 138 किमी रूट को बढ़कर अन्य स्टेशन तक 237 किमी तक कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ उदाहरण है, ऐसे ही करीब 5000 अवैध बढ़ोतरी करके सरकारी खजाने को लूटा गया है।
दिनेश चड्ढा ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी दिसंबर 2012 की जजमेंट में स्पष्ट किया है कि निजी बसों को फायदा देने वाले परमिटों में यह गैर-कानूनी बढ़ोतरी सरकारी बसों को खत्म करने वाली हैं। लेकिन आज तक न तो इन करीब 5000 अवैध परमिटों पर कोई कार्रवाई की गई और न ही इन परमिटों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं पर कोई कार्रवाई की गई। चड्ढा ने ट्रांसपोर्ट मंत्री राजा वडि़ंग को इस प्रकार के हजारों परमिटों को तुरंत रद्द करने, जिम्मेदार अधिकारियों और सियासी लोगों पर केस दर्ज करवाने की मांग की है।
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