मनी लांड्रिंग और बैंक फ्रॉड मामले में जांच तेज, करोड़ों रुपये के लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालेगी ईडी
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। दिल्ली के दीपक सिंगला को मनी लांड्रिंग मामले में बुधवार को पंचकूला स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत में पेश किया गया। करीब दो घंटे चली सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें सात दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। ईडी ने अदालत से 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन फिलहाल सात दिन की मंजूरी दी गई है।
रिमांड अवधि के दौरान ईडी की टीम दीपक सिंगला से पूछताछ कर दस्तावेजों, डिजिटल डाटा और वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी। इससे पहले मंगलवार को विशेष अदालत के न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण उन्हें निचली अदालत में पेश किया गया था, जहां से एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए बुधवार को विशेष अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए थे।
जानकारी के अनुसार मामला करोड़ों रुपये के कथित बैंक फ्रॉड और उससे जुड़े मनी लांड्रिंग नेटवर्क से संबंधित है। इसकी शुरुआत 10 अगस्त 2017 को बैंक अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई थी। इसके बाद विभिन्न एजेंसियां मामले की जांच कर रही थीं और अब ईडी ने मनी लांड्रिंग एंगल से जांच तेज कर दी है।
ईडी की दिल्ली टीम ने सोमवार को दीपक सिंगला को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले दिल्ली, गोवा और चंडीगढ़ समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इसी दौरान चंडीगढ़ के सेक्टर-36 स्थित सिंगला से जुड़े ठिकाने पर भी कई घंटों तक दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की गई।
सूत्रों के अनुसार ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित धोखाधड़ी से जुड़े पैसों को किन माध्यमों से विभिन्न खातों और संपत्तियों में लगाया गया। साथ ही मामले में अन्य लोगों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी रिमांड के दौरान मनी ट्रेल, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।