पंचकूला। अमरावती क्षेत्र के एक निजी स्कूल में वीरवार को छठी कक्षा के छात्र को अध्यापिका ने बेरहमी से पीट दिया। इससे छात्र बेहोश हो गया और लापरवाह स्कूल प्रशासन ने न तो छात्र का इलाज करवाया और न ही उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। स्कूल के अन्य छात्रों ने बेहोश हुए छात्र यश के पिता को जानकारी दी, इसके बाद परिजन स्कूल पहुंचे और उसे उपचार के लिए सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल लेकर गए।
गांव ढालूवाल निवासी व्यक्ति ने बताया कि वीरवार को वह स्कूल गया था। इसी दौरान एक छात्र की किसी शरारत पर अध्यापिका नाराज हो गई और उसने बेटे की पिटाई शुरू कर दी। बेटे का आरोप है कि वह निर्दोष था, फिर भी उसे अध्यापिका ने पीटा। उसकी इतनी पिटाई की गई कि यश मौके पर ही बेहोश होकर गिर गया।
स्कूल ने दिखाई अमानवता, पुलिस को देंगे शिकायत
छात्र के पिता ने कहा कि बच्चे अगर शरारत करें भी तो उन्हें समझाना चाहिए। अमानवता दिखाकर बेरहमी से पिटाई नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने बेटे की हालत देखकर भी अनदेखी की और उसे बिना किसी चिकित्सा सहायता के बेहोशी की हालत में ही छोड़ दिया। अगर स्कूल के अन्य छात्रों ने फोन करके सूचना न दी होती, तो न जाने बेटे के साथ क्या होता। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही ने उनके बेटे की जान खतरे में डाल दी थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने का निर्णय लिया और संबंधित अध्यापिका के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे, जिससे वह भविष्य में किसी और छात्र के साथ ऐसा न करे।
वहीं इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा कि कक्षा छह के दो छात्रों ने अपनी क्लासमेट लड़की को कुछ गलत शब्द बोले थे। छात्रा ने इसकी शिकायत अपनी क्लास टीचर को दी थी। क्लास टीचर ने दोनों छात्रों को डांट दिया था। स्कूल में कोई छात्र बेहोश नहीं हुआ है। दोनों छात्रों के घर वालों को भी इसकी सूचना दी गई थी।