संवाद न्यूज एजेंसी
मानसा। जिले के गांव माखेवाला में एक चरवाहे की 22 भेड़ जहरीला पदार्थ खाने से मर गईं। चरवाहे के पास 40 भेड़ थीं। भेड़ों के मामले में न तो पशुपालन विभाग और न ही किसी प्रशासनिक अधिकारी ने कोई कार्रवाई की है। ग्रामीणों ने सरकार से चरवाहे की मदद करने की मांग की है। गांव माखेवाला के चरवाहे निर्मल सिंह ने बताया कि वे भेड़-बकरिया पाल कर अपना गुजारा करते थे। अब उनकी 40 भेड़ में से 22 भेड़ जहरीला पदार्थ खाने से मर गई हैं। इसके साथ उनकी मौत का कारण कोई बीमारी भी माना जा रहा है। निर्मल सिंह ने बताया कि एक भेड़ के बीमार पड़ने के बाद बाकी भेड़ें जमीन पर गिरती रहीं और 22 भेड़ मर गईं।
उन्होंने बताया कि डाक्टरों ने बची हुई कुछ भेड़ों का टीकाकरण कर दिया है पर वह चाहते हैं कि मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम करवाया जाए। उनकी मौत का कारण पता चल सके और दूसरे पशुओं की देखभाल की जा सके। निर्मल सिंह ने बताया कि व इन भेड़ों से अपनी रोजी रोटी चलाता था, उसकी अपनी 20 भेड़ थीं, बाकी भेड़ किसी से ली हुई थी। गांव के पूर्व सरपंच रणजीत सिंह ने सरकार से चरवाहे के लिए मुआवजा देने की मांग की।