पिंजौर। एचएमटी आवासीय परिसर के समीप कौशल्या डैम में वीरवार को एक व्यक्ति ने छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। कौशल्या डैम से बाहर निकालने के बाद एसडीएम कालका के आदेश पर उसको सेक्टर-6 सरकारी अस्पताल मेडिकल कराने के लिए भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार छलांग लगाने वाला व्यक्ति स्वयं को चंडीगढ़ निवासी डॉक्टर बता रहा था। उसकी बातों से वह मानसिक रूप से परेशान लग रहा था।
सिंचाई विभाग के एसडीओ मनीश कुुमार ने बताया कि उन्हें सिक्योरिटी गार्ड ने सूचना दी कि एक व्यक्ति कौशल्या डैम का पानी रिलीज करने वाले गेट की तरफ नग्न अवस्था में बैठा था। जब उसको डैम ऑफिस की तरफ लाया गया तो उसने उन्हें धक्का मारकर डैम में छलांग लगा दी। एसडीओ ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम को दी। एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंच रेस्क्यू कर उसको बचा लिया। एसडीएम कालका राकेश संधू ने मौके का मुआयना किया और मेडिकल कराने के लिए उसको सेक्टर-6 के सरकारी अस्पताल भेजने का आदेश दिया। एसडीओ मनीश कुमार ने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही पिंजौर पुलिस मौके पर पहुंची। पानी में छलांग लगाने वाले व्यक्ति ने स्वयं को नवदीप निवासी चंडीगढ़ में डॉक्टर बताया। उसका कहना था कि मैं तो नहीं मरूंगा मेरे पास लाइफ इंश्योरेंस है। जिसको जितना जोर लगाना है लगा ले। इसके अलावा उसका कहना था कि वह अब झोलाछाप हो चुका है।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पानी में छलांग लगाने के बाद वह काफी देर तक पानी में तैरकर डैम के एक किनारे से दूसरे किनारे के समीप तक पहुंच गया। उसी दौरान मौके पर एनडीआरएफ की टीम ने रेसक्यू कर उसे बचा लिया। उन्होंने बताया कि उसकी बातों से ऐसा लग रहा था जैसे कि वह मानसिक रूप से परेशान है।