संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। टिब्बा रोड के एक निजी अस्पताल में जिंदा नवजात को डॉक्टरों ने मृत घाेषित कर दिया। परिवार उसे दफनाने लगा तो बच्चे की सांसें चल रही थीं। इसके बाद बच्चे को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टराें ने उसे जिंदा बताया। डॉक्टरों ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया लेकिन करीब 40 मिनट बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद बच्चे के परिजनों ने निजी अस्पताल पहुंचकर हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। बच्चे के परिजनों ने अस्पताल पर कार्रवाई की मांग की है।
टिब्बा रोड इलाका निवासी आशु ने बताया कि उसकी पत्नी पायल गर्भवती थी। इलाके के अस्पताल में ही उसका इलाज चल रहा था। बुधवार सुबह डाॅक्टरों ने उसकी डिलवरी की। डाॅक्टरों ने बताया कि पायल ने मृत बच्चे को जन्म दिया है। बच्चे को एक ट्रे में डाल बाहर रख दिया। वे बच्चे को दफनाने गए तो उन्हें लगा कि बच्चे की सांसें चल रही हैं। वे तुरंत अस्पताल की तरफ भागे तो डाॅक्टर ने फिर से कहा कि बच्चे की मौत हो चुकी है। इसके बाद वे बच्चे को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां डाॅक्टरों ने बताया कि बच्चा जिंदा है। सिविल अस्पताल के डाॅक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया लेकिन चालीस मिनट बाद बच्चे की मौत हो गई। सिविल अस्पताल के डाॅक्टरों का कहना है कि अगर बच्चे को समय पर इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। इसके बाद बच्चे के परिजनों ने निजी अस्पताल पहुंचकर कर हंगामा कर दिया। जांच अधिकारी थाना टिब्बा के सब इंस्पेक्टर कुलविंदर सिंह ने बताया कि आशु ने पुलिस को शिकायत देकर अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाए हैं। जांच में अगर कोताही सामने आई तो अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।