पंचकूला। झुग्गियों के 15 बच्चों से शुरू हुई पहल आज 15 हजार से अधिक बच्चों तक पहुंच चुकी है। अमिता मारवाह पिछले 15 वर्षों से जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हैं। उनके अभियान से प्रशिक्षित छह बच्चों का चयन सैन्य बलों में हुआ है, जबकि कई बच्चे प्रशिक्षक और शिक्षक बनकर दूसरों को हुनर सिखा रहे हैं। पिछले पांच साल से गांव मदनपुर चल रहे योग शिविर में शुक्रवार को उन्होंने खुद बच्चों को योग करना सिखाया और जीवन जीने की कला सिखाई।
वर्ष 2011 में शुरू हुए इस प्रयास के तहत बच्चों को मार्शल आर्ट्स, ताइक्वांडो, योग, चित्रकला और कथक का प्रशिक्षण दिया जाता है। छह हजार से अधिक बच्चों को प्रायोजन के माध्यम से सहायता भी मिली है। कई बच्चे अपनी प्रशिक्षण कक्षाएं चला रहे हैं और कुछ राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) से प्रमाणित प्रशिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं।
अमिता बच्चों के साथ जरूरतमंद परिवारों की भी मदद करती हैं। इसमें बेटियों के विवाह, इलाज और बच्चों की फीस के लिए आर्थिक सहयोग शामिल है। परिवार नियोजन और स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के साथ निशुल्क दंत चिकित्सा और स्वास्थ्य किट भी उपलब्ध कराई जाती हैं।