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Panchkula News: हड़ताल के बीच बिजली व्यवस्था बेपटरी, 70 हजार लोग बेहाल<bha>;</bha> कहीं छह तो कहीं 30 घंटे बाद लौटी बिजली

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पंचकूला। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पंचकूला जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। शहर से लेकर गांवों तक करीब 70 हजार लोगों को बिजली कटौती की परेशानी झेलनी पड़ी। पंचकूला शहर में चार स्थानों पर पावर हाउस में खराबी आने से कई इलाकों में बिजली गुल रही। कहीं चार घंटे तो कहीं छह घंटे तक लोग बिजली का इंतजार करते रहे। वहीं, रायपुररानी खंड के मौली गांव में 21 अक्तूबर की दोपहर गई बिजली 22 अक्तूबर की शाम छह बजे बहाल हुई। ग्रामीणों को करीब 30 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा। इसके अलावा छह अन्य गांवों में भी बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित रहा।
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हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारी बिजली विभागों के निजीकरण और निजी कंपनियों को बिजली वितरण के समानांतर लाइसेंस देने के विरोध में प्रदेशव्यापी हड़ताल पर थे। इसी बीच बिजली आपूर्ति में आई खराबी ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दीं। घरों के रोजमर्रा के कामकाज से लेकर बाजारों और कार्यालयों की गतिविधियां प्रभावित हुईं।

ओल्ड पंचकूला समेत तीन इलाकों में चार घंटे गुल रही बिजली

ओल्ड पंचकूला, खड़क मंगोली और सेक्टर-3 में शुक्रवार सुबह 7:55 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब चार घंटे बाद दोपहर 12 बजे बिजली बहाल हुई। सुबह के समय बिजली गुल रहने से घरेलू कामकाज और बिजली पर निर्भर गतिविधियां प्रभावित हुईं।
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स्वास्तिक विहार में छह घंटे तक आपूर्ति बाधित

स्वास्तिक विहार पावर हाउस में खराबी के कारण एमडीसी सेक्टर-5 और स्वास्तिक विहार में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। स्वास्तिक विहार में सुबह करीब नौ बजे बिजली चली गई, जो दोपहर तीन बजे बहाल हो सकी। करीब छह घंटे तक बिजली नहीं होने से बाजारों और कार्यालयों के कामकाज पर असर पड़ा।

कार्यालय में 25 कर्मचारियों का काम प्रभावित

एमडीसी सेक्टर-5 निवासी सुमन अग्रवाल ने बताया कि उनका बेटा आर्किटेक्ट है और उसके कार्यालय में करीब 25 कर्मचारी काम करते हैं। पूरे मार्केट में बिजली गुल होने से कर्मचारियों का काम प्रभावित हुआ। लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने के कारण कार्यालय का काम सुचारू रूप से नहीं चल पाया।

मौली गांव में 30 घंटे बाद लौटी बिजली

रायपुररानी खंड के मौली गांव में बिजली संकट सबसे गंभीर रहा। खंड के विक्रम के अनुसार, गांव में 21 अक्तूबर की दोपहर बिजली चली गई थी, जो 22 अक्तूबर की शाम छह बजे बहाल हुई। करीब 30 घंटे तक बिजली नहीं आने से ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

छह अन्य गांवों में भी कटौती

रायपुररानी खंड के कक्कड़ माजरा, बागवाली, बागवाला, नटवाल, टोडा और बैबलपुर में भी बिजली कटौती से लोग परेशान रहे। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ आपूर्ति प्रभावित होने से करीब 70 हजार लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। हड़ताल और तकनीकी खराबियों के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिलने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
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