संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में ईसीजी के कार्य का विवाद गहरा गया है। तकनीशियन न होने से नर्सिंग स्टाफ व प्रशासन में टकराव खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को हालात ऐसे बन गए कि अस्पताल में आया हार्ट का मरीज तड़पता रहा और ईसीजी करने के लिए डाॅक्टर और नर्स झगड़ते रहे। नर्सिंग स्टाफ ने ईसीजी करने से साफ इन्कार कर दिया तो अस्पताल में हंगामा मच गया। यह हंगामा करीब आधा घंटा तक जारी रहा। इसके बाद भी मामले का समाधान नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि अब तक वार्ड बाॅय भी ईसीजी का काम कर रहे थे।
आमताैर पर रोजाना 125 ईसीजी होती है लेकिन शुक्रवार को तकनीशियन न होने से सिर्फ 100 ईसीजी ही हो सकी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि 25 मरीजों की ईसीजी शुक्रवार को नहीं हो सकी। सिविल सर्जन द्वारा 23 दिसंबर को जारी आदेश के तहत ईसीजी टेक्नीशियन का कार्य नर्सिंग स्टाफ से करवाने के निर्देश दिए थे। जानकारी नर्सिंग स्टाफ को 24 दिसंबर को व्हाट्सएप से मिली।
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि ईसीजी नर्सिंग कैडर में नहीं आता। इसके विरोध में नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन ने 26 दिसंबर को आदेश मानने से इन्कार कर दिया। तर्क है कि ईसीजी टेक्नीशियन अलग पद है, जिसके लिए दो साल का विशेष डिप्लोमा आवश्यक होता है और यह कार्य पहले से ही प्रशिक्षित टेक्नीशियन द्वारा किया जा रहा है।
ईसीजी टेक्नीशियन से क्लर्क का काम करवाने का आरोप
नर्सिंग स्टाफ ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में कुछ ईसीजी टेक्नीशियन से पीएमओ कार्यालय में क्लर्क का कार्य करवाया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। जब एसोसिएशन ने विरोध दर्ज कराया, तो आरोप है कि डॉक्टर राजेंद्र सैनी ने नर्सिंग स्टाफ और एसोसिएशन की राज्य अध्यक्ष के साथ अभद्र व्यवहार किया। डॉक्टर राजेंद्र सैनी का कहना है कि उन्होंने किसी से अभद्र व्यवहार नहीं किया और जब ईसीजी नहीं की गई तो उन्होंने स्वयं ईसीजी की। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि गंभीर मरीजों की इमरजेंसी ईसीजी वे पहले से ही करते आए हैं, लेकिन सामान्य मरीजों की ईसीजी कराने का दबाव डाला जा रहा है।
नर्सिंग अधिकारी ईसीजी ड्यूटी का कर रहे विरोध
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि सभी नर्सिंग अधिकारी ईसीजी ड्यूटी का विरोध करते हैं। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, एसीएस हेल्थ और डीजीएचएस को ई-मेल के माध्यम से भेज दी गई हैं। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों को भी स्थिति से अवगत कराया गया।
सीएमओ के निर्देश पर लगाई है नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी
सीएमओ के निर्देश पर नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी ईसीजी के लिए लगाई गई थी। ईसीजी नहीं किए जाने पर पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। -आरएस चौहान, पीएमओ