संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहगढ़ साहिब। श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्व विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत जयंती को समर्पित पांच दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर वाइस चांसलर डॉ. प्रितपाल सिंह ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की बाणी, यात्रा और शहादत का अध्ययन, मूल्यांकन एवं संशोधन, इतिहास लेखन की व्याख्या, दर्शन, अनुवाद और शैक्षणिक एवं सामाजिक मंचों पर प्रस्तुति इस कार्यशाला के मुख्य विषय होंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य यूनिवर्सिटी एवं काॅलेज के शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के बीच इन महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद और अभ्यास का सृजन करना है। इस पांच दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गढ़गज खासतौर पर शामिल हुए। उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान दिवस पर यूनिवर्सिटी द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना भी की।
उद्घाटन भाषण के दौरान, श्री गुरु ग्रंथ अध्ययन केंद्र, गुरु नानक देव अमृतसर के पूर्व निदेशक प्रोफेसर बलवंत सिंह ढिल्लों ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, बाणी और शहादत आज के विश्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बदलती दुनिया की चुनौतियों के मद्देनजर गुरबाणी और गुरु इतिहास की पुनर्व्याख्या समय की मांग है। डीन अकादमिक मामले प्रोफेसर सुखविंदर सिंह बिलिंग ने विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आए अतिथि विद्वानों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं गुरमत सिद्धांत और गुरु इतिहास विषय पर गहन चिंतन में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।