बरवाला। बरवाला-रिहौड़ लिंक सड़क मार्ग पर पुल के नजदीक सोमवार को एक बस अनियंत्रित होकर खेत में उतर गई। गनीमत रही सड़क किनारे लगे एक बिजली के खंभे के सहारे से बस पलटने से बाल-बाल बच गई। नारायणगढ़ से पंचकूला चलने वाली अत्रि कोच नाम की प्राइवेट बस में करीब 55 सवारियां थीं। कई सवारियों को गुम चोटें आई हैं। जैसे ही बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरी तो बस में सवार ड्राइवर साइड की सीटों पर बैठी सवारियां कनेक्टर साइड की सीटों पर जा गिरी और बस में चीख पुकार मच गई। हादसे के बाद सवारियां काफी डर गई थीं।
घटनास्थल के नजदीक खेतों में काम कर रहे किसानों ने बड़ी मशक्कत के बाद सवारियों को बस से बाहर निकाला। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद भी डायल-112 व एंबुलेंस करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची। तब तक चोटिल सवारियों को लोगों के सहयोग से प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा दिया गया था।
ये यात्री हुए चोटिल
बस में मौजूद भूड़ मंडलाय की सुमन ने बताया कि वह 15 वर्षीय बेटे गुरजोत के साथ चंडीगढ़ जा रही थी। घटना में उसे व उसके बेटे को गुम चोटें आई हैं। अंबाला जिले के डेरा हमीदपुर निवासी अर्चना देवी ने बताया कि वह पीजीआई चंडीगढ़ में दवाई लेने के लिए जा रही थी, सिर पर चोट लगी हैै।
प्राइवेट वाहन कर सिविल अस्पताल पंचकूला ले गए पत्नी को
नारायणगढ़ निवासी रामकरण ने बताया कि उनकी पत्नी सोमा देवी का कुछ दिन पूर्व पित्त का ऑपरेशन हुआ था। पत्नी को चेक करवाने व दवाई दिलवाने पंचकूला सिविल अस्पताल ले जा रहे थे। घटना के दौरान ऑपरेशन वाली जगह पर काफी दर्द हो गया, इसके बाद रामकरण उन्हें तुरंत प्राइवेट वाहन से पंचकूला हॉस्पिटल ले गए।
सवारियों के लिए नहीं कोई सुविधा नहीं मिली
सुरक्षित बची सवारियों को तेज बारिश में पैदल या प्राइवेट निजी वाहनों का सहारा लेकर बरवाला बस स्टैंड तक पड़ा पहुंचना। स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिली।
इस मार्ग पर पहले भी दो बार अनियंत्रित हो चुकी हैं सवारियों से भरी बसें
बरवाला-रिहौड़ लिंक सड़क मार्ग पर सवारियों से भरी बसें इससे पहले भी दो बार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर चुकी है। बावजूद इसकेसरकारी, प्राइवेट व स्कूल बसों के चालकों व मालिकों ने खस्ताहाल लिंक सड़क मार्ग से गुजरने पर गुरेज नहीं किया। उन्हें सवारियों और स्कूली बच्चों की जान की कोई परवाह नहीं है।
सड़क मार्ग से भारी वाहनों के गुजरे जाने पर प्रतिबंध लगाए जाने की लोग कर चुके हैं मांग नहीं लिया गया संज्ञान
क्या कहते हैं सवारियों को सुरक्षित बाहर निकालने वाले
चीख पुकार सुन तुरंत मौके पर पहुंचा
घटनास्थल के नजदीक लगते अपने खेतों में चारा काट रहा था। जैसे ही मैंने चीख पुकार सुनी तो तुरंत मौके पर पहुंचा। बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलवाया। -विजय बतौड़, किसान
भारी वाहनों के लिए यह मार्ग सक्षम नहीं
बरवाला-रिहौड़ लिंक सड़क मार्ग भारी वाहनों के गुजरने के लिए सक्षम नहीं है। यहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। -जितेंद्र कुमार, किसान
ओवरटेकिंग भी हादसों का बड़ा कारण
लिंक मार्ग की सही हालत न होने व चौड़ाई कम होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। भारी वाहन ओवरटेकिंग करते हुए सड़क से नीचे गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। -अरविंद कुमार, स्थानीय निवासी
बरवाला-रिहौड़ लिंक सड़क मार्ग पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के बचाव लिए जिला प्रशासन व पुलिस विभाग को भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेडिंग करनी चाहिए। -रजनीश शर्मा, पूर्व सरपंच रिहौड़
कोट...
जल्द ही भारी वाहनों की रोकथाम के लिए यहां बैरिकेडिंग की जाएगी। साथ ही वाहन चालकों की स्पीड और ओवरटेकिंग पर भी नजर रखी जाएगी। -गुरपाल सिंह, इंचार्ज, पुलिस चौकी बरवाला