पंचकूला। ठेकेदार के बिल पास कराने के एवज में दस हजार रुपये रिश्वत लेने के दोषी जेई को सीबीआई की विशेष अदालत ने डेढ़ साल की सजा और तीन हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जेई को सीबीआई ने करीब चार साल पहले हिसार से दबोचा था। उसके बाद से मामले की सुनवाई सीबीआई कोर्ट में चल रही थी। यह मामला साल 2008 का है।
सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक अनिल कुमार हीरा मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) हिसार में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात थे। इसी विंग में ठेकेदार राजेंद्र सिंह पूनिया ने कुछ काम किए थे, जिसमें उनका करीब सवा लाख रुपये का बिल बकाया था। पूनिया के बिल जेई अनिल कुमार हीरा के पास से ही पास होने थे, लेकिन वह आनाकानी कर रहे थे। इस बारे में कई बार पूनिया ने जेई से गुहार लगाई, पर बिल पास नहीं हुआ। हीरा ने पूनिया से कहा कि यदि वह दस हजार रुपये दे तो उसके बिल पास हो जाएंगे। पूनिया ने इस बात की सूचना सीबीआई को दे दी।
सीबीआई ने उसे पकड़ने के लिए उसके आफिस में ही जाल बिछाया। हीरा ने पूनिया को रुपये देने के लिए अपने दफ्तर में बुलाया। सीबीआई टीम भी गुपचुप तरीके से वहां पहुंच गई। जैसे ही पूनिया ने रुपये थमाए सीबीआई ने उसे काबू कर लिया। उसके पास से दस हजार रुपये भी बरामद कर लिए थे। बाद में यह मामला सीबीआई कोर्ट में चलता रहा। मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने अनिल कुमार हीरा को सेक्शन-13 के तहत एक साल की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना, सेक्शन सात के तहत छह महीने की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। जेई को अदालत ने मौके पर ही जमानत दे दी।