बरवाला। बरवाला-भरैली-फि रनी मार्ग पर लगे जन स्वास्थ्य विभाग के नलकूप से आसपास के घरों में रेत मिले पानी की सप्लाई हो रही है, लेकिन करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी विभाग ने इसकी सुध नहीं ली।
स्थानीय निवासी हरविंदर सिंह नंबरदार, बक्शीश सिंह, रामपाल, रविंद्र, लक्की ने बताया कि यह नलकूप पिछले साल ही लगाया गया था और इस नलकूप से करीब दो सौ घरों में पानी की सप्लाई होती है। करीब 20 दिनों से मिट्टी व रेत मिले पानी की सप्लाई हो रही है। इस समस्या को लेकर उन्हाेंने कई बार जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी शिकायत दी, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हुआ। वहीं, कस्बे की महिला परविंदर कौर, चरणजीत कौर, प्रीतम कौर ने बताया कि पानी की इस समस्या के कारण उन्हें 400 से 500 रुपये का टैंकर मंगवाकर गुजारा करना पड़ रहा है।
नंबरदार हरविंदर सिंह ने बताया कि इस नलकूप के स्टार्टर में भी खराबी है, जिससे नलकूप बार-बार अपने आप बंद हो जाता है। बिजली विभाग द्वारा कस्बे के घरों में जिस ट्रांसफार्मर से सप्लाई दी जा रही है, उसी से इस नलकूप पर भी कनेक्शन दिया गया है। अधिक लोड होने के कारण ट्रांसफ ार्मर बार-बार खराब हो जाता है, जिससे पानी की सप्लाई भी प्रभावित होती है।
कोट्स.......
जल्द ही इस नलकूप को चेक करवाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो मरम्मत कराकर आपूर्ति में सुधार लाई जाएगी।
- अमर सिंह, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग
फ ोटो कैप्शन-नलकूप न0 3 व उस पर लगे ट्रांसफ ार्मर तथा नलकूप से आ रहे गंदे पानी को दिखाते कस्बा वासी।
फ ोटो कैप्शन- कॉलोनी की गलियों में जमा गंदे पानी को दिखाते कॉलोनी वासी।
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गलियों में पानी भरने से आफत में जान
वार्ड नंबर-1 की आदर्श कालोनी में बरसाती पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण अक्सर गलियों और घरों में गंदा पानी घुस जाता है। गलियों में पानी भरा होने के कारण मच्छर और बदबू से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कॉलोनी के सुरेश कुमार, संजय कुमार, राहुल कुमार ने बताया कि इस समस्या के बारे में उपायुक्त पंचकूला को लिखित शिकायत दी और उन्होंने समस्या हल कराने के लिए खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय बरवाला के अधिक ारियों को निर्देश दिए। अधिकारियों ने जायजा भी लिया और लेकिन करीब एक साल बीत जाने के बाद भी यह समस्या जस की तस है। अभी हालत यह है कि बरसात में घरों में इतना पानी घुस जाता है कि टुल्लू पंप लगाकर टैंकरों में भरकर उसे जोहड़ों में फेंकना पड़ता है।