पिंजौर (पंचकूला)। पिंजौर की एचएमटी (ट्रैक्टर इकाई) की अच्छी स्थिति बताने के लिए अफसरों ने यूनिट के उत्पादन, बिक्री और टर्नओवर के आंकड़ों में बड़ी हेराफेरी की। इसी आधार पर केंद्र सरकार ने मार्च में 1083 करोड़ के रिवाइवल पैकेज को मंजूरी भी दे दी। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद विभागीय जांच हुई और आखिरकार 14 जून को चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) और तीन जीएम को सस्पेंड कर दिया गया। उनके खिलाफ विभागीय जांच अब भी जारी है। केंद्रीय हैवी इंडस्ट्री विभाग के ज्वाइंट सेक्रेट्री हरभजन सिंह ने बुधवार को एचएमटी का दौरा कर इन चारों पदाधिकारियों के सस्पेंड होने का खुलासा किया।
सस्पेंड होने वालों में सीएमडी श्रीधर, ट्रैक्टर प्लांट के जीएम अलोक निगम, फाइनेंस के जीएम जेके जैन और मार्केटिंग जीएम अतुल श्रीवास्तव शामिल हैं। सीएमडी श्रीधर बंगलूरू में बैठकर ही पिंजौर का काम देखते थे। अब केंद्रीय हैवी इंडस्ट्री विभाग के ज्वाइंट सेक्रेट्री हरभजन सिंह ही दिल्ली में बैठकर सीएमडी का कामकाज देखेंगे, जबकि मार्केटिंग डिपार्टमेंट में तैनात अधिकारी सी. पटनायक को ट्रैक्टर यूनिट के जीएम का कार्यभार सौंपा गया है। वह पहले मोहाली कार्यालय में बैठते थे, लेकिन अब पिंजौर में काम संभालेंगे। चार अधिकारियों को सस्पेंड करने के आदेश जारी होने के बाद एचएमटी के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और ज्वाइंट सेक्रेट्री से मिलवाने से भी परहेज किया।