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जिया की किडनैपिंग में रविंदर गिल दोषी करार

Fri, 18 Jan 2013 05:31 AM IST
Panchkula
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पंचकूला। सवा तीन साल पहले सेक्टर सात की कोठी नंबर 128 से अपहृत मासूम जिया के किडनैपर रविंदर सिंह गिल को वीरवार को पंचकूला सत्र न्यायालय ने दोषी करार दे दिया। गिल को सजा 22 जनवरी को सुनाई जाएगी।
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मोहाली के गांव कांसल निवासी रविंदर गिल पर अर्णव और महक की किडनैपिंग का भी आरोप है। इस संबंध में मामला अदालत में विचाराधीन है। पुलिस के अनुसार जिया के अपहरण के लिए रविंदर गिल ने चंडीगढ़ के सेक्टर 35 से होंडा सिटी कार लूटी थी। 20 अक्तूबर, 2009 को पंचकूला के बिजनेसमैन एमएस कंग की पोती जिया घर आंगन में खेल रही थी। इसी बीच शाम करीब साढ़े सात बजे रविंदर गिल गेट पर पहुंचा और उस समय महज दो साल की जिया को अगवा कर फरार हो गया। अपहरण के अगले दिन कंग परिवार को फिरौती की कॉल आई और मोटी रकम देकर बच्ची को मोहाली के एक स्टूडियो के पास छुड़ा लिया गया। फिरौती की रकम देने के दौरान रविंदर गिल को जिया के दादा एमएस कंग ने अच्छी तरह पहचान लिया था।
रविंदर गिल को 30 दिसंबर 2011 की रात सेक्टर 11 और 15 की चौक के पास पंचकूला पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहाली से लूटी डिजायर कार पंचकूला में है। कार को पकड़ने के लिए पुलिस ने नाका लगाया। इसी बीच डिजायर कार लेकर आ रहे रविंदर गिल को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में रविंदर गिल ने अपहरण सहित और चोरी की अन्य वारदात करनी कबूली। रविंदर गिल पर अपने पिता सतवंत सिंह गिल की हत्या का भी आरोप था, लेकिन बाद में अदालत ने उसे बरी कर दिया।
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इस आधार पर साबित हुए आरोप
पुलिस के अनुसार जब-जब अपहरण की वारदात हुई, रविंदर गिल के बैंक खाते में रुपयों की बढ़ोतरी होती रही। एमएस कंग ने जब रविंदर गिल को फिरौती की रकम दी तो उन्होंने उसका चेहरा देख लिया था। जांच के दौरान कंग को पुलिस ने बुलाया तो उन्होंने रविंदर गिल को देखते ही पहचान लिया। कंग का कहना था कि गिल का चेहरा उनकी आंखों में बस गया था। वे उसे कभी भी नहीं भूल सकते थे।
अर्णव और महक किडनैपिंग का मामला विचाराधीन
रविंदर सिंह गिल पर सेक्टर-सात निवासी बिजनेसमैन पुनीत बंसल के बेटे अर्णव के अपहरण का मामला पंचकूला और मोहाली फेज-10 निवासी जसतेज सिंह चिन्ना की बेटी महक के अपहरण का मामला मोहाली में चल रहा है। अर्णव को अक्तूबर 2010, जबकि महक को फरवरी 2010 में अपहृत किया गया था। ऐसा कहा जाता है कि अर्णव को छोड़ने के बदले 22 लाख, जबकि महक के बदले 10 लाख रुपये लिए गए थे।
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कोट
वह काली तारीख आज भी मुझे याद है। मैं उसे कभी नहीं भूल सकता। अदालत से गुजारिश है कि रविंदर गिल को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
-एमएस कंग, जिया के दादा
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