कालका। शिमला के लिए लंबे समय से बंद पड़ी रेल कार सेवा दोबारा शुरू होने जा रही है। रेल कार का फाइनल ट्रायल शुक्रवार को है। इसके बाद रेल कार को शिमला के लिए चलाना शुरू कर दिया जाएगा। रेल विभाग ने सीट रिजर्वेशन भी शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि रेल कार सेवा वर्ष 1927 में अंग्रेजों ने शुरू की थी। उस समय कालका-शिमला रेल खंड के लिए चार रेल कार उपलब्ध करवाई गई थी। इसके बाद रेल कार खंड की शान बन गई और सैलानी खासकर विदेशी सैलानी इसका सफर करने के लिए लालायित रहे। कई वर्षों तक पटरी पर दौड़ने वाली रेल कार ने रिपेयर के अभाव में एक के बाद एक करके दम तोड़ना शुरू कर दिया। आखिरी रेल कार पिछले वर्ष बंद कर दी गई थी। इसका कारण था कि रेल कार के पहिए घिस गए थे और कुछ तकनीकी खराबी भी आई थी। रेलवे ने हैदराबाद की एक कंपनी से संपर्क कर रेल कार के पहिए तैयार करने का आर्डर दिया, जोकि कुछ समय पहले विभाग को मिल गए थे। विभाग ने अब इसकी बुकिंग खोल दी है। अगले दो दिनों के दौरान रेल कार सेवा शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि विभाग ने अपनी वेबसाइट पर रेल कार को 25 जनवरी तक रद दर्शाया है।
12 लाख हुए खर्च
रेल कार अब नए लुक में नजर आएगी। पहले की अपेक्षा इसका सफर ज्यादा आरामदायक होगा। विभाग ने इसके पहिए के अलावा इंजन में भी जान डालने का काम किया है। इसके अलावा सीटें भी शताब्दी जैसी लगाई गई हैं। यही नहीं, सनमाइका, मखमली पर्दे और बेहतर म्यूजिक सिस्टम भी लगाया गया है। फिलहाल दो रेल कार तैयार हैं। इन पर करीब 12 लाख का खर्च आया है। इसे सुबह 5.10 बजे शिमला के लिए चलाया जाएगा और एक को स्टैंडबाय रखा जाएगा।
कोट-
रेल कार को 25 जनवरी तक रद किया गया है। इसके लिए सीट रिजर्वेशन चल रही है। रेल कार यात्रियों की पहली पसंद है। शिमला के लिए साढ़े चार घंटे सफर है।
-विनय अरोड़ा. स्टेशन अधीक्षक, कालका