माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। दिसंबर माह में 21 वाहन और जनवरी में 44 वाहनों को अवैध माइनिंग में सीज किया है। दोनों माह में 62.25 लाख रुपये की रिकवरी की गई। यह जानकारी डीसी मोनिका गुप्ता ने दी। मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स खनन समिति की बैठक में उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने बताया कि कुछ गाड़ियां माइनिंग विभाग द्वारा सुपरदारी पर छोड़ी जाती है। इससे बार-बार माइनिंग होती रहती है। ये गाड़ियां माइनिंग को काफी ज्यादा बढ़ावा दे रहीं हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि अब सुपरदारी पर जिन गाड़ियों को छोड़ा जाएगा, उन्हें दोबारा माइनिंग के प्रयोग में नहीं करने दिया जाए। ऐसी गाड़ी यदि माइनिंग के दौरान पकड़ी जाती है तो उसको इंपाउंड किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस विभाग, माइनिंग विभाग, इंफोर्समेंट विभाग मिलकर चार जगहों पर स्थायी नाकाबंदी करें। उन्होंने कहा कि माइनिंग से सीधे तौर पर गांव चरनिया, कीरतपुर, झोलूवाल, करणपुर, कोट, डबकोली, रत्तेवाली, श्यामटू, अलीपुर, नग्गल, जौली और मंडलाई प्रभावित होते हैं। डीएमएफ समिति फंड से इन गांवों को लाभ दिया जाएगा। आने वाली मीटिंग में सभी गांवों के सरपंचों को शामिल करके उनसे गांवों के विकास कार्यों की डिमांड की जाए।
रात को होती है दिक्कत
बैठक में कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि अवैध माइनिंग में काफी हद तक नियंत्रण लगा है। विधायक शक्ति रानी शर्मा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि बुर्जकोटिया, नानकपुर और बडोना कलां में काफी ज्यादा अवैध माइनिंग हो रही है। अवैध खनन के दौरान रात के समय लोगों को सोने में दिक्कतें आ रही हैं।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव, पुलिस उपायुक्त हिमाद्रि कौशिक, एसडीएम पंचकूला चंद्रकांत कटारिया, कालका राजेश पुनिया, नगराधीश विश्वनाथ, माइनिंग अधिकारी गुरजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक, उप सिविल सर्जन डा. विकास, जिला खेल अधिकारी नील कमल सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।