जजों के घरों की मरम्मत में खर्च हुए करोड़ों
हाईकोर्ट में पेश किया गया कि साल 2014-2018 का ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जजों के घरों की मरम्मत के लिए 2014 से 2018 के सिविल कामों के लिए खर्च हुई राशि की जानकारी देते हुए हाईकोर्ट को बताया गया है कि वर्ष 2014 में 18224269, 2015 में 13881401, 2016 में 8225516, 2017 में 9759989 और 2018 में 7381871 रुपये का खर्च आया है। वहीं, इलेक्ट्रिकल के कामों में साल 2014 में 1649985, 2015 में 390154, 2016 में 4120968, 2017 में 1762651, 2018 में 2151582 रुपये का खर्च आया है। इसके अलावा शहर के टाइप वन से लेकर टाइप 13 तक के 2014 से लेकर 2015 तक के मरम्मत पर आए खर्च की पूरी जानकारी दी गई।
13480 मकानों की मरम्मत का सालाना टेंडर
शहर के बदहाल सरकारी मकानों के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने कमर कस ली है। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया है कि शहर के 13480 मकानों की मरम्मत के लिए पहले काम के हिसाब से समय-समय पर टेंडर जारी किया जाता था, लेकिन अब इसकी जगह इन मकानों की सालाना मरम्मत का टेंडर जारी करने का निर्णय लिया गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सेक्टर 22 के 752 खस्ताहाल मकानों को ढहाए जाने के लिए इनके ढांचे की स्टैबिलिटी की जांच के लिए पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से बात की गई थी। पेक की ओर से कहा गया कि वह प्रति सप्ताह 20 से 25 मकानों की जांच कर सकते हैं। प्रत्येक मकान की जांच के लिए 10 हजार रुपये का खर्च आएगा। इस पर जीएसटी अलग से होगी। इस तरह यह राशि 72 लाख 20 हजार बनती है। वहीं, इस काम के लिए एनआईटीटीटी से भी बात की गई है।