48 साल बाद 1884 आवंटियों को मिलेगी राहत
सबहेड
औद्योगिक क्षेत्र फेज एक और दो में आवंटित भूमि पर हुए वायलेशन होंगे रेगुलर
एडवाइजर ने वित्त सचिव से फौरी राहत प्रदान करने की बात कही
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। औद्योगिक क्षेत्र फेज एक और दो के भूमि आवंटियों को प्रशासन की ओर से बड़ी राहत मिलने जा रही है। दोनों फेज में 70 के दशक में आवंटित हुए 1884 भूखंडों पर हुए वायलेशन को प्रशासन ने रेगुलर करने का फैसला किया है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) द्वारा बनाई गई लीज होल्ड नीति के तहत इन्हें राहत दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो सलाहकार परिमल राय ने यूटी वित्त सचिव अजय कुमार सिन्हा से औद्योगिक क्षेत्र में भूखंडों के मालिकों को एक बार राहत प्रदान करने के लिए कहा है।
औद्योगिक भूखंडों के मालिकों द्वारा किए गए वास्तविक भूखंडों के मूल में बदलाव को रेगुलर करने का निर्णय लेने से पहले प्रशासन द्वारा सर्वेक्षण संपत्ति कार्यालय की टीमों द्वारा एक बार भूमि का सर्वे कराया जाएगा। टीमें भूमि के मालिकों द्वारा किए गए परिवर्तनों के प्रकार और संरचनाओं की स्थिरता को प्रभावित करने के लिए सभी भूखंडों का निरीक्षण करेगी। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन नियमित परिवर्तनों के प्रकार पर फैसला करेगा।
बता दें कि प्रशासन ने 1970 के दशक के दौरान 147 एकड़ के क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र के फेज एक और दो की स्थापना की थी। भूखंडों को ज़ोनिंग और वास्तु शिल्प द्वारा स्थापित किया गया था जो उस समय प्रचलित स्थितियों के अनुसार तैयार किए गए थे। दोनों चरणों में 1,884 भूखंड हैं। इनमें से 700 भूखंड एक कनाल और इससे ऊपर के हैं जबकि 443 और 180 भूखंड क्रमश: 10 और 15 मरला के हैं। इसके अलावा 381 भूखंड पांच मरला के हैं।
ऐसे हुए निर्माण कार्य
अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भूखंड के मालिकों ने नियम कानूनों के उल्लंघन में भवन योजनाओं के प्लाटों में बड़े बदलाव किए हैं। इसके लिए उन्हें सरकारी प्लाटों के अलाटमेंट के दुरुपयोग में लंबे समय से नोटिस का सामना करना पड़ रहा है। इनमें आम परिवर्तन जैसे मंजिल का निर्माण क्षेत्र, एफएआर से अधिक भूमि पर निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा भूखंडों के आगे और पीछे की तरफ अस्थायी शेड की कब्जेदारी के साथ रेलिंग को दीवारों में बदल जाना है। इस मामले पर चेंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया नवीन मंगलानी का कहना है कि राहत मिले तो जानें। कई बार प्रशासन द्वारा कानूनों में संशोधन करने की बता कही गई है लेकिन अभी तक कोई संशोधन दिखाई नहीं दिया है। इस बार कुछ संभावनाएं नजर आ रही हैं। उनका कहना है कि इस बार स्थानीय सांसद किरण खेर भी उनके साथ लगी हैं इसलिए आशा अधिक नजर आ रही है।
नवंबर तक सभी एक कनाल मकानों में सौर ऊर्जा लगाने निर्देश
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने चंडीगढ़ प्रशासन कोे आगामी 17 नवंबर तक शहर के सभी एक कनाल मकानों को सौर ऊर्जा से पूर्ण करने के आवश्यक निर्देश दिए हैं। इससे पहले यूटी प्रशासन द्वारा मई महीने तक का समय दिया गया था लेकिन प्लांट लगवाने में आम लोगों द्वारा रुचि नहीं दिखाने पर यूटी प्रशासन को छह महीने का समय बढ़ाना पड़ा है। केंद्र सरकार के निर्देश पर शहर में सोलर प्लांट लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। यूटी प्रशासन ने चंडीगढ़ प्रशासन को 17 मई तक शहर के सभी एक कनाल एरिया के मकानों में सोलर पैनल लगवाने के निर्देश जारी किए थे। अब छह महीने का समय बढ़ाते हुए 17 नवंबर तक एक कनाल के सभी मकानों में सोलर पैनल लगवाने के निर्देश दिए हैं।