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दिलप्रीत मोहाली पुलिस के हवाले

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पांच घंटे की जद्दोजहद के बाद दिलप्रीत को ट्रांजिट रिमांड पर मोहाली ले गई पुलिस
सबहेड
चार दिन तक जीएमसीएच-32 में भर्ती रहने के बाद गैंगस्टर डिस्चार्ज, दोपहर को अदालत में पेश

- सिंगर परमीश वर्मा पर गोली चलाने के मामले में मोहाली पुलिस ने मांगी थी ट्रांजिट रिमांड

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 13 जुलाई को पीजीआई से डिस्चार्ज होने के बाद चंडीगढ़ पुलिस द्वारा रिमांड लेने के बावजूद करीब चार दिन तक जीएमसीएच-32 में भर्ती रहने के बाद गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा को मंगलवार दोपहर डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद मलोया थाना पुलिस द्वारा सरपंच सतनाम मर्डर केस में गिरफ्तारी के बाद पुलिस रिमांड में चल रहे दिलप्रीत को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं मोहाली फेज-1 थाना पुलिस ने भी उसी दौरान दिलप्रीत को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए चंडीगढ़ जिला अदालत में इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर कर दी। पांच घंटे से ज्यादा की जद्दोजहद के बाद अदालत ने दिलप्रीत को मोहाली पुलिस को एक दिन के लिए ट्रांजिट रिमांड पर देने की याचिका मंजूर कर ली। इसके बाद मोहाली पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले गई।
इससे पहले दोपहर में जीएमसीएच-32 से डिस्चार्ज होने के बाद मलोया थाना पुलिस दिलप्रीत को जिला अदालत में पेशी पर लाई। मलोया थाना पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की। वहीं मोहाली फेज-1 थाने की ओर से आरोपी को एक दिन के ट्रांजिट रिमांड पर देने की अपील की। मोहाली पुलिस के डीएसपी अमरोज सिंह और फेज-1 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह खुद दिलप्रीत की कस्टडी के लिए चंडीगढ़ जिला अदालत पहुंचे हुए थे। मोहाली पुलिस के अनुसार उन्हें दिलप्रीत को पंजाबी सिंगर परमिश वर्मा पर किए जानलेवा हमले मामले में गिरफ्तारी दिखा उससे पूछताछ करनी है।
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देर शाम तक मोहाली पुलिस को दिलप्रीत के ट्रांजिट रिमांड पर भेजने को लेकर कानूनी पेंच फंसा रहा। शाम सवा 7 बजे के बाद कोर्ट ने मोहाली पुलिस की याचिका मंजूर कर दिलप्रीत को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया। हालांकि इससे पहले मलोया थाना पुलिस एंबुलेंस से दिलप्रीत को लेकर बुड़ैल जेल के लिए निकल गई थी। इसके बाद उन्हें सूचित कर वापस कोर्ट बुलाया गया और इसके बाद मोहाली पुलिस के सुपुर्द किया गया।
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बाक्स
इस बार भी एंबुलेंस में ही हुई पेशी
पैर में गोली लगने के बाद थाई में फ्रैक्चर के कारण दिलप्रीत का ऑपरेशन हुआ था इसलिए पुलिस उसे अदालत में पेश नहीं कर पा रही थी। पिछली बार भी उसकी पेशी एंबुलेंस में ही हुई थी। इस बार भी पुलिस ने अदालत में इसके लिए याचिका दी थी कि मेडिकल कारणों से दिलप्रीत को कोर्ट रूम पर पेश करने नहीं लाया जा सकता है। इसके बाद इलाका मजिस्ट्रेट खुद बख्शीखाने के बाद पार्किंग एरिया में खड़ी एंबुलेंस में आरोपी को देखने आए। इस दौरान वहां गैंगस्टर को देखने के लिए काफी लोगों की भीड़ जमा रही। हर कोई गैंगस्टर की एक झलक पाने को उत्सुक था। हर कोई उसका वीडियो बनाने और फोटो खिंचता रहा।
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