घर में घुसकर जानलेवा हमले में दोषी करार, सजा 12 को
मामले में दो आरोपियों को अदालत कर चुकी है बरी
एक दोषी को अदालत सुना चुकी है पांच साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मौली कांप्लेक्स में एक घर में घुसकर परिवार के लोगों पर हमला और मारपीट करने के मामले में जिला अदालत ने मनीमाजरा निवासी रोहित (26 वर्ष) को दोषी करार दिया है। अदालत उसे 12 जुलाई को सजा सुनाएगी। इससे पहले अदालत मामले में परमात्मा उर्फ बतिस्ता को पांच साल कैद की सजा सुना चुकी है। वहीं दो अन्य आरोपियों सोनू उर्फ मिड्डा और सूरज सिंह को बरी कर चुकी है।
पुलिस में दी शिकायत में मौली कांप्लेक्स निवासी पवन कुमार ने कहा था कि 3 जनवरी, 2015 की रात वह परिवार समेत घर में था। सब लोग खाना खाने के बाद टीवी देख रहे थे। करीब 10:30 बजे परमात्मा और रोहित 3-4 अन्य युवकों के साथ उनके घर के बाहर आए और दरवाजा खटखटाने लगे। उन्होंने देखा तो युवक तलवार, बैट और डंडों से लैस थे। इससे घबराकर परिवार के सभी लोग ऊपर वाले हिस्से में चले गए और खुद को अंदर बंद कर लिया।
इस पर युवक दरवाजा तोड़ घर में घुस गए। उन्होंने परिवार के सदस्यों को कमरे से निकाला और उनसे मारपीट शुरू कर दी। हमले से पवन के साथ ही परिवार के अन्य सदस्य जख्मी हो गए। वे लोग उन्हें जान से मारने के इरादे से आए थे, लेकिन हंगामा होने पर आसपास के लोग वहां जुट गए। इस पर सभी हमलावर वहां से भाग गए। घटना के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायलों का अस्पताल में इलाज कराया और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।
वहीं शिकायतकर्ता के अदालत में सोनू और सूरज के वारदात के वक्त वहां न होने के बयान के बाद अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था। मामले में परमात्मा और रोहित पहले अदालत से भगोड़ा करार दिए गए थे, लेकिन बाद में उनके पकड़े जाने पर उनके खिलाफ ट्रायल शुरू हुआ था। रोहित को पुलिस ने परमात्मा के बाद पकड़ा था, इसलिए उसके खिलाफ अब ट्रायल पूरा होने पर अब अदालत ने दोषी करार दिया है।