चंडीगढ़। हरियाणा सरकार को अरावली की पहाड़ियों में अवैध रूप से बने फार्म हाउस का सर्वे कराना होगा। राज्य सूचना आयोग ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, वन एवं वन्य जीव विभाग व उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को फार्म हाउस का सर्वेक्षण कर एक महीने में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
आईएएस अशोक खेमका ने इन फार्म हाउस के मालिकों के नाम जानने के लिए बीते साल आरटीआई लगाई थी। आरटीआई के जवाब में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग फार्म हाउस मालिकों के नाम बताने में नाकाम रहा। विभाग के पास उनके नामों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इन अवैध फार्म हाउस का मुद्दा हरियाणा विधानसभा में भी उठ चुका है। बड़खल विधानसभा से भाजपा विधायक सीमा त्रिखा ने सरकार से अवैध फॉर्म हाउस को लेकर जानकारी मांगी थी। जिसके जवाब में वन मंत्री कंवर पाल ने बताया था कि 50 फार्म हाउस फरीदाबाद व 10 फार्म हाउस गुरुग्राम जिले में अरावली क्षेत्र में बने हुए हैं। उन्होंने इनके मालिकों के नाम नहीं बताए थे। खेमका ने वन मंत्री के इस जवाब के बाद ही फार्म हाउस मालिकों के नाम जानने के लिए आरटीआई लगाई थी। लेकिन विभाग ने रिकॉर्ड ही न होने का जवाब दिया है।
राज्य सूचना आयुक्त अरुण सांगवान ने 15 जनवरी 2021 को मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिए हैं कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग व वन एवं वन्य जीव विभाग के प्रधान सचिव अरावली क्षेत्र में बिना सीएलयू के अवैध रूप से बने फार्म हाउस का सर्वेक्षण कर संपूर्ण रिपोर्ट सौंपें। साथ ही अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाएं। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को 60 फार्म हाउस को दिए गए बिजली कनेक्शन की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। कनेक्शन किस आधार पर दिए गए यह जांच में बताना होगा। विभागों व निगम को जांच रिपोर्ट आदेश की कॉपी मिलने के एक महीने के भीतर सौंपनी होगी।
फरीदाबाद व गुरुग्राम के डीटीपीई को अगली सुनवाई पर 10 मार्च को सुबह 11 बजे होने वाली कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना होगा। ऐसा न करने पर आयोग उनके विरुद्ध जुर्माना भी लगा सकता है। खेमका की आरटीआई की कॉपी दोनों विभागों के प्रधान सचिव व उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को भी उचित कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।