फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: 45 साल पुराने ड्रेनेज सिस्टम की बदलेगी तस्वीर, बिना सड़क खोदे हो रही मरम्मत

विज्ञापन
विज्ञापन
गीता चौक से सिंहनाला चौक तक ड्रेनेज स्ट्रेंथनिंग का काम जारी, टाउन पार्क तक 5.50 करोड़ का पायलट प्रोजेक्ट सफल
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। शहर की करीब 45 साल पुरानी और जर्जर स्टार्म ड्रेन पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएमडीए) ने बड़े स्तर पर काम शुरू किया है। गीता चौक से सिंहनाला चौक तक अंडरग्राउंड ड्रेनेज की स्ट्रेंथनिंग का काम जारी है। खास बात यह है कि इस काम में सड़कों की बड़े स्तर पर खुदाई नहीं की जा रही। एमएसडब्ल्यूएल यानी मशीन वाउंड स्पाइरल लाइनिंग तकनीक से पुरानी पाइपों के अंदर ही नई मजबूत परत तैयार की जा रही है।
पीएमडीए अधिकारियों के अनुसार शहर का मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क अपनी उम्र पूरी कर चुका है। लगातार इस्तेमाल और समय के साथ कई जगह पाइपों में दरारें आने के साथ संरचनात्मक कमजोरी पैदा हो गई है। इससे पानी की निकासी क्षमता भी प्रभावित हुई है। बरसात के दौरान जलभराव की समस्या की यह एक प्रमुख वजह है। कुछ स्थानों पर ड्रेन के बैठने से हाईटेंशन लाइन के खंभों और बड़े पेड़ों के लिए भी खतरा पैदा हो गया था। इसे देखते हुए पूरे नेटवर्क का सर्वे कराकर मरम्मत की योजना तैयार की गई।
विज्ञापन


टाउन पार्क तक 5.50 करोड़ का पायलट प्रोजेक्ट
योजना की शुरुआत टाउन पार्क तक 900 एमएम व्यास के नाले से की गई थी। गीता चौक से टाउन पार्क तक 5.50 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा। इसमें सड़क खोदे बिना पुरानी ड्रेन के अंदर प्लास्टिक की पट्टी को मशीन के जरिए सर्पिल आकार में डाला गया। आपस में जुड़ने के बाद इस पट्टी ने पुरानी पाइप के भीतर नई मजबूत पाइप जैसी परत तैयार कर दी। पायलट प्रोजेक्ट के बेहतर परिणाम आने के बाद अब शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तकनीक से काम शुरू कर दिया गया है।

कई हिस्सों में काम और टेंडर जारी
वर्तमान में टाउन पार्क से सिंहनाला चौक तक 1350 एमएम, 1800 एमएम और 2400 एमएम व्यास के स्टार्म ड्रेनेज की मरम्मत का काम प्रगति पर है। यह काम पिछले महीने अलॉट हुआ था। वहीं, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में भगवान परशुराम चौक से सिंहनाला चौक तक 1800 एमएम, 2100 एमएम और 2400 एमएम व्यास के नालों की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। इसी कार्ययोजना के तहत सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग रोड तथा सेक्टर-15 में बेल फैक्ट्री टी-पॉइंट से भगवान परशुराम चौक तक ड्रेनेज की मरम्मत भी की जाएगी। पीएमडीए ने स्पष्ट किया है कि कंसल्टेंट की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद शहर के शेष ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत का खाका तैयार किया जाएगा। शेष कार्यों का एस्टीमेट अगस्त 2026 तक बनाकर जमा कराया जाना है।

क्या है एमएसडब्ल्यूएल तकनीक
एमएसडब्ल्यूएल ट्रेंचलेस तकनीक है, जिसमें जमीन की बड़े स्तर पर खुदाई नहीं करनी पड़ती। इस प्रक्रिया में पुरानी पाइप के अंदर विशेष मशीन की मदद से प्लास्टिक की पट्टी को सर्पिल आकार में घुमाकर डाला जाता है। पट्टी आपस में जुड़कर पाइप के भीतर एक नई मजबूत दीवार बना देती है। इससे पुरानी पाइप की क्षमता और उम्र दोनों बढ़ती हैं। सड़कें बंद नहीं होतीं और ट्रैफिक भी प्रभावित नहीं होता।

प्रोजेक्ट केवल मरम्मत तक सीमित नहीं
वर्तमान में गीता चौक सेक्टर-6 से सिंहनाला चौक तक अंडरग्राउंड ड्रेनेज की स्ट्रेंथनिंग का काम चल रहा है। यह प्रोजेक्ट केवल मरम्मत तक सीमित नहीं है। इसका मकसद शहर के बुनियादी ढांचे को आने वाले कई वर्षों के लिए मजबूत करना है।

कोट
स्टार्म ड्रेन वाटर स्ट्रेंथनिंग का काम अलग-अलग हिस्सों में होना है। टाउन पार्क में टेंडर होने के बाद काम पूरा हो चुका है। इसके बाद गीता चौक से काम शुरू किया गया है। इस तकनीक के इस्तेमाल से न केवल लागत और समय की बचत होगी, बल्कि आम लोगों को भी सड़कें खुदने की परेशानी से राहत मिलेगी।
विज्ञापन

- गुरमीत सिंह, एक्सईएन, पीएमडीए

कोट
शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बारिश के दौरान पानी की निकासी को बेहतर करना और शहर को जलभराव की समस्या से राहत दिलाना है।
-राजीव शर्मा, चीफ इंजीनियर, पीएमडीए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें