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मैंगो फेस्टिवल रद्द होने से पिंजौर गार्डन पहुंचे मात्र 400 सैलानी

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पिंजौर गार्डन में रविवार को कम ही सैलानी दिखे। - फोटो : PKL OFFICE
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पिंजौर। दो दिवसीय मैंगो फेस्टिवल के दौरान पिंजौर गार्डन में पर्यटकों का हुजूम उमड़ता था। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते पिंजौर गार्डन में मैंगो फेस्टिवल रद्द होने के कारण गार्डन सूना पड़ा हुआ है। शनिवार और रविवार को दो दिनों में मात्र 400 सैलानी ही पहुंचे। इससे प्रबंधन का केवल 10 हजार रुपये की ही आय हुई है।
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गौरतलब है कि बीते करीब 28 वर्षों से जुलाई महीने के पहले सप्ताह में शनिवार और रविवार को आयोजित होने वाले मैंगो फेस्टिवल के दौरान आम के दीवाने पर्यटक आमों की विभिन्न किस्में देखने पिंजौर गार्डन पहुंचते थे। इसके अलावा फेस्टिवल के पहले और दूसरे दिन विभिन्न प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंगोली, आम खाओ प्रतियोगिता गार्डन में पहुंचने वाले सैलानियों का दिल मोह लेती थीं।
पहले पिंजौर गार्डन में होर्टीकल्चर एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में मैंगो फेस्टिवल का आयोजन किया जाता रहा है परंतु होर्टीकल्चर अधिकारियों ने गार्डन में मैंगो फेस्टिवल रद्द करने की पुष्टि करते हुए मैंगो फेस्टिवल को अपने स्तर पर ही लाडवा में आयोजित करने की बात कही है।
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मैंगो फेस्टिवल को रद्द करना कमजोर नेतृत्व का नतीजा : बंसल
पिंजौर गार्डन में हर साल सरकारी उदासीनता और सुविधाओं के अभाव में पर्यटकों की संख्या लगातार कम होती जा रही है वहीं अब कोरोना महामारी का बहाना बना कर मैंगों मेले को पिंजौर से लाडवा ले जाना राज्य सरकार और कमजोर नेतृत्व को दर्शाता है। उक्त आरोप हरियाणा किसान कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन विजय बंसल ने लगाते हुए बताया कि पिछले वर्ष भी भाजपा सरकार इसे यहां से बदलने की नीति बना रही थी और इस वर्ष कोरोना का बहाना बनाते हुए सरकार ने अपने मंसूबों को पूरा किया है। विजय बंसल ने कहा है कि मेले को शिफ्ट कर इस क्षेत्र के साथ भेदभावपूर्ण रवैये को दर्शाता है और वे इसको लेकर हर मोर्चे पर आवाज उठाने का काम करेंगे। किसी भी सूरत ए हाल में मेले को शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा।
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