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कोर्ट में जवाब दाखिले करने को पीयू प्रशासन तैयार

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पीयू में 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने का मामला
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हाईकोर्ट में आज अपना पक्ष रखेंगे पीयू प्रशासन और स्टूडेंट्स

- दिनभर हुई तैयारियां, पीयू प्रशासन की ओर से वकील जाएंगे कोर्ट
- स्टूडेंट्स की ओर से काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया देंगी सवालों के जवाब

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने को लेकर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका का जवाब देने के लिए मंगलवार को पीयू प्रशासन की ओर से एडवोकेट जाएंगे। वहीं छात्राओं का पक्ष रखने के लिए स्टूडेंट्स काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया जाएंगी। दिनभर दोनों पक्ष कोर्ट में अपना जवाब देने के लिए तैयारी करते रहे। कोर्ट मेें सुनवाई के बाद स्टूडेंट्स आगे का रुख तय करेंगे। हालांकि कोर्ट पहुंचने का समन स्टूडेंट लीडर कनुप्रिया को नहीं मिला है, लेकिन वह जाएंगी।
कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि पीयू प्रशासन ने स्टूडेंट्स के दबाव में आकर रूल बुक का उल्लंघन किया है। साथ ही हॉस्टल खोलने के समय में बदलाव कर दिया। उन्होंने यह भी सवाल खड़ा किया कि महज 40 स्टूडेंट्स के कहने पर पीयू प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। दायर याचिका के बाद हाईकोर्ट ने पीयू प्रशासन के वीसी, डीएसडब्ल्यू, स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया से जवाब मांगा था। उसी की तैयारी में दिनभर यह सभी पक्ष जुटे रहे। पीयू प्रशासन के जिन लोगों से जवाब मांगा गया था वह यहां नहीं बताए जा रहे हैं, एडवोकेट उनका जवाब लेकर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
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इनसेट--
नहीं तैयार हुआ डाटा
स्टूडेंट्स ने हॉस्टल की पारदर्शिता के लिए छात्रावासों का ब्योरा मांगा था। हर रूम में रहने वाली छात्राओं के नाम व कक्षाओं का ब्योरा ऑनलाइन करने को भी कहा था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अध्यक्ष कनुप्रिया ने कहा कि कोर्ट में जवाब दाखिल करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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इनसेट--
43वें दिन भी प्रोटेस्ट जारी
कई मांगों को लेकर चल रहा प्रोटेस्ट पीयू के गर्ल्स हॉस्टल नंबर तीन व चार के बाहर 43वें दिन भी जारी रहा। स्टूडेंट ने खुले आसमान के नीचे पढ़ाई की। साथ ही काव्य पाठ का भी आयोजन किया। सभी ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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