चंडीगढ़। हरियाणा में चौथी-पांचवीं कक्षा के बच्चों के लिए बुधवार से स्कूल खुल गए। 18 महीने बाद स्कूल पहुंचने का उत्साह बच्चों में कम दिखा। दोनों कक्षाओं के 26 फीसदी बच्चे ही पहले दिन आए। 525 बच्चों का तापमान 99 से ज्यादा मिलने पर उन्हें वापस घर भेज दिया गया। कोविड मानकों के अनुसार 50 फीसदी बच्चे ही बुलाए गए थे। 1 सितंबर को 233444 विद्यार्थियों को स्कूल आना था, पर 59563 ही पहुंचे।
स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक उपस्थिति कैथल और यमुनानगर के स्कूलों में रही। यहां 61-61 फीसदी बच्चे स्कूल पहुंचे। कुरुक्षेत्र में 52, अंबाला में 47, जींद में 45, पंचकूला में 43 फीसदी बच्चों ने उपस्थिति दर्ज कराई। नूंह में सबसे कम 3 फीसदी बच्चे स्कूल आए। पलवल में 7, गुरुग्राम में 9-9 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल पहुंचे। भिवानी-रोहतक में 13-13, चरखी दादरी में 15, फतेहाबाद में 34, हिसार में 26, झज्जर में 21, करनाल में 25, महेंद्रगढ़ में 32, पानीपत में 22, रेवाड़ी में 29, सिरसा में 29, सोनीपत में 11 प्रतिशत छात्रों ने ही पहले दिन स्कूल की दहलीज लांघी। यमुनानगर जिले में 77, कैथल में 69, जींद में 57 बच्चों का तापमान अधिक निकला।
शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा कि स्थिति के मद्देनजर पहली से तीसरी की कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लेंगे। जो कक्षाएं चल रही हैं, उनका डाटा रोजाना संकलित किया जा रहा है। बच्चों की संख्या स्कूलों में बढ़ाने के लिए अभिभावकों के साथ शिक्षक संपर्क कर रहे हैं।
ये जानना भी जरूरी
8628 प्राथमिक स्कूलों में चौथी-पांचवीं कक्षा में 466901 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से 233444 को स्कूल बुलाया गया था, लेकिन 59562 ही आए। बच्चों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों की अनुमति लेना जरूरी था। कोरोना की तीसरी लहर आने के डर के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं।
जिला अनुसार स्कूल पहुंचे दोनों कक्षाओं के विद्यार्थी
अंबाला में 3550, भिवानी में 1302, चरखी दादरी में 539, फरीदाबाद में 1186, फतेहाबाद में 3899, गुरुग्राम में 1400, हिसार में 3701, झज्जर में 1143, जींद में 5031, कैथल में 6681, करनाल में 3432, कुरुक्षेत्र में 4079, महेंद्रगढ़ में 1894, नूंह में 873, पलवल में 969, पंचकूला में 3015, पानीपत में 2506, रेवाड़ी में 1695, रोहतक में 773, सिरसा में 4220, सोनीपत में 1225, यमुनानगर में 6450।