पंचकूला। राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय (आरआईएमसी) देहरादून में जुलाई 2026 से शुरू होने वाले सत्र के लिए प्रवेश परीक्षा रविवार को राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, सेक्टर-14 में आयोजित की गई। परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। इस परीक्षा में हरियाणा राज्य के 244 परीक्षार्थियों ने भाग लिया।
हरियाणा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि आरआईएमसी देहरादून की स्थापना 1922 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय लड़कों और लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण समग्र शिक्षा प्रदान करना है, ताकि संस्थान भारतीय सेना के लिए अधिक से अधिक कुशल अधिकारी तैयार कर सके।
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह महाविद्यालय नेतृत्व का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा, जिसने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़गवासला अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, चेन्नई और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून जैसी संस्थाओं की स्थापना को दिशा दी।
RIMC देहरादून में 11 से 18 वर्ष की आयु के छात्र-छात्राओं को सार्वजनिक स्कूल स्तर की शिक्षा प्रदान की जाती है। इनका चयन विशेष रूप से आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाता है।
परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों और अभिभावकों ने परीक्षा व्यवस्था की प्रशंसा की और इसे सफल एवं व्यवस्थित बताया।