आयुष की मां बोली, जब तक इंसाफ नहीं, तब तक बेटे का पोस्टमार्टम नहीं
सोमवार को नहीं हो सका पोस्टमार्टम, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी
संस्था वायस आफ चंडीगढ़ के नुमाइंदे आयुष के माता-पिता को लेकर डीसी के पास पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कुत्तों के काटने से मारे गए डेढ़ साल के आयुष के शव का पोस्टमार्टम सोमवार को नहीं हो सका। सेक्टर-16 स्थित पोस्टमार्टम हाउस में डॉक्टरों का दल आयुष के पेरेंट्स का इंतजार करते रहे, मगर वे नहीं पहुंचे। आयुष के माता-पिता का कहना है कि जब तक इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपने बच्चे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि आज उनके बच्चे के साथ ऐसा हुआ तो कल किसी दूसरे बच्चे के साथ ऐसा हो सकता है। जब तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक वे न तो अपने बच्चे का पोस्टमार्टम करवाएंगी और न ही उसका अंतिम संस्कार।
पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-16 हास्पिटल ने एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। इनमें मेडिकल कालेज के फोरेंसिक मेडिसिन के एक्सपर्ट और सेक्टर-16 के डॉक्टर शामिल हैं। सोमवार सुबह आयुष के माता-पिता पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे। उसके बाद पुलिस ने मेडिकल कालेज के डॉक्टरों को बुलाया। मगर इस बीच संस्था वायस आफ चंडीगढ़ के नुमाइंदे पहुंचे और आयुष के माता-पिता को लेकर वे डीसी आफिस चले गए। बच्चे के माता-पिता के जाते ही पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर पहुंच गए। उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार किया, मगर आयुष के माता-पिता नहीं आए। करीब डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद जब आयुष के घर वालों से मोबाइल फोन से संपर्क किया तो उनका मोबाइल स्विच आफ बताने लगा। जब कोई रिस्पांस नहीं मिला तो डॉक्टर वापस चले गए। डॉक्टरों ने कहा कि वे दोबारा तीन बजे आएंगे। यदि बच्चे के घरवाले आएं तो पोस्टमार्टम कर देंगे। नहीं आए तो मंगलवार को करना होगा। हुआ भी यही। आयुष के माता-पिता नहीं पहुंचे तो बच्चे का पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका। अब मंगलवार को पोस्टमार्टम होने की संभावना है।
दूसरी तरफ संस्था के चेयरमैन अविनाश सिंह शर्मा ने बताया कि वे आयुष के माता-पिता को लेकर डीसी अजीत बाला जी जोशी के पास पहुंचे। उन्होंने उनके सामने दो डिमांड रखी। पहली, आयुष के परिजनों को उचित मुआवजा मिले और दूसरी, इस घटना के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर उपायुक्त ने कहा कि कानूनी कार्रवाई के लिए एफआईआर दर्ज करवानी होगी और मुआवजा नगर निगम देगी।
कोट
हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए। इंसाफ मिलने पर ही अपने बेटे का पोस्टमार्टम करवाएंगे। यदि ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो हमसे डेढ़ लाख रुपये ले लें और मेरा बेटा वापस कर दें।
-ममता, आयुष की मां