रामदरबार से मौलीजागरां की ओर जा रहे दो युवक शनिवार शाम एक्टिवा से गिरकर घायल हो गए। एक युवक ने इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम में दी। मौलीजागरां पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को मनीमाजरा डिस्पेंसरी पहुंचाया। जहां उन्हें प्राथमिक उपचार कर दिया गया। वहीं, एक युवक की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे सेक्टर-32 स्थित मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।
जहां से डॉक्टरों ने युवक को पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि सड़क पर गड्ढों के कारण गाड़ी फिसल गई, जिससे युवक की जान गई है। पुलिस ने सेक्टर-16 के अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद युवक का शव परिजनों को सौंप दिया है।
रामदरबार फेस दो स्थित मकान नंबर-186 में प्रेमचंद अपने परिवार के साथ रहते हैं और सब्जी की दुकान चलाते हैं। प्रेमचंद ने बताया कि उनका बेटा विकास (21) अपने दोस्त रोशन (22) के साथ एक्टिवा पर सवार होकर शनिवार शाम को सात बजे रामदरबार से मौलीजागरां गया था। काफी देर तक उसके घर नहीं लौटने पर उन्हें चिंता होने लगी। इसी दौरान रोशन का फोन आया और उसने बताया कि रेलवे अंडर ब्रिज के पास एक गड्ढे में अचानक एक्टिवा का पहिया आने से उनकी गाड़ी गिर गई।
हादसे के बाद गाड़ी इतनी तेजी से गिरी कि हेलमेट भी टूट गया और विकास के सिर में काफी चोट आई है। रोशन ने बताया कि उसने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी है। इसके बाद उसने बताया कि पुलिस विकास को लेकर मनीमाजरा डिस्पेंसरी गई है। इस दौरान परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। यहां से डॉक्टरों ने विकास की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सेक्टर-32 स्थित मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। वहां से भी डॉक्टरों ने विकास को पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में इलाज के दौरान रविवार सुबह विकास की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने डीडीआर दर्ज कर ली है।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
विकास घर का इकलौता लड़का था। विकास से छोटी दो बहनें हैं। विकास के पिता ने बताया कि काफी मन्नतों के बाद उन्हें एक बेटा हुआ था। प्रशासन की लापरवाही से उनके घर का इकलौता चिराग बुझ गया। विकास की मौत के बाद घर में चीखपुकार मची हुई थी। वहीं आसपास के लोग परिजनों को समझाने में लगे थे।
पिता के साथ घर खर्च में करता था मदद
विकास गाड़ियों के सर्विस सेंटर पर भी काम करता था। सब्जी बेचकर घर खर्च चलाना आसान नहीं, इसलिए विकास ने पिता की मदद करने के लिए काम करना शुरू कर दिया था। दो बहनों की पढ़ाई और अन्य खर्च के लिए विकास घर में काफी सहयोग करता था। विकास के जाने अब घर खर्च चलाने के लिए भी प्रेमचंद को काफी मशक्कत करनी होगी।