मौली जागरां की डिस्पेंसरी की अचानक जांच करने पहुंचीं सांसद
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की पड़ताल करने खेर पहुंचीं डिस्पेंसरी
अमर उजाला ब्यूरो
मनीमाजरा। सांसद किरण खेर सोमवार सुबह अचानक मौली जागरां स्थित सिविल डिस्पेंसरी पहुंच गईं। उनके साथ यूटी के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी थे। सिविल डिस्पेंसरी में अचानक खेर के पहुंचने का कारण यह जांच करना था कि भारत सरकार की योजना प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को चंडीगढ़ में ठीक से लागू किया जा रहा है या नहीं। इस दौरान सांसद खेर ने डिस्पेंसरी में पहुंची महिलाओं से बातचीत की और उनसे पूछा कि क्या उन्हें इस योजना के तहत लाभ मिल रहा है और किसी तरह की दिक्कत तो नहीं आ रही है। खेर के साथ चंडीगढ़ के डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉ. जी दीवान और एरिया पार्षद अनिल दुबे भी मौजूद थे। महिलाओं ने खेर को कहा कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं आ रही है।
खेर ने महिलाओं से कहा कि अगर मां स्वस्थ रहेगी तभी उसकी संतान भी स्वस्थ होगी। खेर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि यहां सब कुछ बहुत अच्छे से हो रहा है। यहां सभी महिलाओं को इस योजना के तहत यह जानकारी दी जाती है कि उन्हें कौन-कौन से टीके कब-कब लगने हैं या कौन-कौन सी दवाएं कब-कब खानी हैं। खेर ने महिलाओं को केले और चने के पैकेट भी बांटे।
महिला ने सांसद से मांगी एंबुलेंस की सुविधा
एक महिला ने सांसद को कहा कि मौली जागरां के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं है। इस पर सांसद ने कहां वे अपने फंड से एरिया को एक एंबुलेंस भी सुविधा मुहैया करवाने का प्रयास करेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जून 2016 में शुरू किया था। इसमें हर महीने की 9 तारीख को लगने वाले इस विशेष जांच व इलाज कैंप में सुरक्षित मातृत्व और इससे जुड़े तथ्यों से गर्भवती महिलाओं को अवगत कराते हुए महिला चिकित्सकों द्वारा मुफ्त में उनका इलाज किया जाता है। इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उनकी गर्भावस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही की अवधि (गर्भावस्था के चार महीने के बाद) के दौरान प्रसव पूर्व देख भार सेवाओं का न्यूनतम पैकेज प्रदान किया जाता है। चंडीगढ़ में 10 स्वास्थ्य केंद्रों में इस अभियान के तहत महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। इस अभियान में आनेवाली महिलाओं को एमसीपी कार्ड दिया जाता है। इसे दिखाकर वे प्रत्येक महीने की 9 तारीख को अपना इलाज करा रही हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ शिशु और स्वस्थ जीवन प्रदान करना है।