जरनैल नंगल का राजनीति बहिष्कार करेगा जनरल समाज
जो भी पार्टी टिकट देगी उसका भी विरोध करने का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
फगवाड़ा।
जनरल समाज मंच ने आज लोक इंसाफ पार्टी नेता जरनैल नगल का बहिष्कार करने का एलान करते हुए कहा कि बार-बार शहर का माहौल खराब करने में जरनैल नंगल की भूमिका सबसे प्रमुख है। यहां बातचीत में जरनल समाज मंच के पंजाब प्रधान फतेह सिंह, महासचिव पंजाब गिरीश शर्मा, फगवाड़ा प्रधान एडवोकेट विजय शर्मा तथा सतबीर सिंह वालिया के अलावा नरेश भारद्वाज, राम कुमार चड्ढा, राकेश दुग्गल व रमेश सचदेवा ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में जरनैल नंगल जिस भी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेगा, उस राजनीतिक पार्टी का भी बायकाट होगा।
उन्होंने कहा कि जरनैल नंगल जब बसपा में थे तब भी एक वर्ग विशेष की बात करते थे। फिर कुछ समय के लिए कांग्रेस में आए तो वहां भी जातिगत राजनीति को हवा दी, लेकिन जब मंसूबे सफल नहीं हुए तो लोक इंसाफ पार्टी में शामिल होकर शहर को जातीेय हिंसा की तरफ शहर को धकेल दिया। उन्होंने कहा कि फगवाड़ा के शांतिप्रिय लोग, जिनमें हर वर्ग व समुदाय के लोग शामिल हैं, सभी शांति से रहना चाहते हैं लेकिन एक वर्ग को उकसा कर नंगल लोकल प्रशासन के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की शह पर राजनीतिक स्वार्थ साधने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि भविष्य में शहर की शांति के लिए बहुत ही खतरनाक होगी। इन पदाधिकारियों ने तल्ख लहजे में कहा कि बीते 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान नंगल के नेतृत्व में फगवाड़ा में गुंडागर्दी का नंगा नाच होता रहा लेकिन पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। जनरल समाज को सरेआम अपशब्द बोलते हुए ललकारा गया। इसके बाद 10 अप्रैल को जब जनरल समाज ने 2 अप्रैल की गुंडागर्दी के रोष में मर्जी से कारोबार बंद रखने का फैसला किया तो जबरन दुकानें खुलवाने के नाम पर फिर जरनैल नंगल व उसके गुंडों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। लेकिन तब भी जनरल समाज ने शांत रहकर इस कोशिश को नाकाम बनाया। ताजा घटनाक्रम में शुक्रवार को चोरों की तरह आधी रात को गोल चौक का नाम बदलने की हरकत की गई। जिसके पीछे भी नंगल की ओछी राजनीति काम कर रही थी, जिसने शहर में दंगा भड़काने का माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि यह सब देखते हुए जनरल समाज मंच हर वर्ग के लोगों से अपील करता है कि जरनैल नंगल जैसे मौकापरस्त नेताओं के पीछे न लगें ताकि शहर की शांति बरकरार रह सके। इस अवसर पर नरेश भारद्वाज, राम कुमार चड्ढा, राकेश दुग्गल, रमेश सचदेवा, प्रदीप आहूजा, योगेश प्रभाकर, सुनील पराशर, सुरिन्द्र चोपड़ा. तिलकराज कलूचा, हरजिन्द्र सिंह, सुखबीर सिंह आदि के अलावा सैंकड़ो शहरवासी उपस्थित थे।