फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कहा, बच्चों के खिलाफ अपराध समाज की जड़ों को हिला देते हैं कठोर दंड ही न्याय
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिक से दुष्कर्म के मामले में छोटू उर्फ टिल्लू निवासी अभयपुर को 20 साल की जेल की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी समाज और न्याय व्यवस्था के लिए घातक होती है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिक के साथ यौन अपराध न केवल पीड़िता को बल्कि पूरे समाज को गहरी चोट पहुंचाते हैं। जांच के दौरान पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य भौतिक साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। कोर्ट ने सभी तथ्यों, परिस्थितियों और साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया।
यह मामला 6 अप्रैल 2021 को महिला थाना पंचकूला में दर्ज किया गया था। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि 5 अप्रैल 2021 को जब वह काम से घर लौटीं तो उनके बच्चे डरे-सहमे हुए थे। छोटे बेटे ने बताया कि दो दिन पहले पड़ोसी छोटू घर में घुसकर नाबालिक से दुष्कर्म कर चुका था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे मारपीट के साथ जबरदस्ती प्रताड़ित किया, मुंह में कपड़ा डालकर चुप कराया और जान से मारने की धमकी दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की मां ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार को महिला थाना पंचकूला लाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 6 पाक्सो एक्ट और धारा 323 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया। जांच उपनिरीक्षक रीटा को सौंपी गई थी।