अमृतसर। कोविड काल से पहले भारत आए पाकिस्तानी हिंदुओं के जत्थे के 190 सदस्य रविवार को अटारी सीमा के रास्ते अपने वतन लौट गए। इस जत्थे में पाकिस्तान का एक नागरिक भी अपनी पत्नी, भारत में जन्मी अपनी बच्ची भारती और अन्य बच्चों के साथ वतन लौट गया। इमीग्रेशन अधिकारियों ने सबसे पहले हिंदू जत्थे के सभी सदस्यों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट चेक की। इसके बाद इमीग्रेशन और कस्टम चेक जांच मुकम्मल होने के बाद उनको जीरो लाइन पर भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले पाकिस्तान से कई हिंदू जत्था भारत के मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के लिए आए थे। मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह के दौरान देश में लाकडाउन लगने के बाद यह लोग भारत में फंस गए थे। इन लोगों का वीजा खत्म हो चुका था। तब देश के हालात ही ऐसे थे तो पाकिस्तान एबेंसी ने इनका दोबारा वीजा लगाया और इन सभी को पाकिस्तान लौटने की मंजूरी दी थी।
ज्वाइंट चेक पोस्ट अटारी पर तैनात पंजाब पुलिस के प्रोटोकाल अधिकारी अरुण पाल ने बताया कि पाकिस्तानी हिंदू जत्थे के 190 सदस्य रविवार की सुबह अटारी सीमा पर पहुंच गए थे। इन लोगों के हाथों में अपने पासपोर्ट के साथ-साथ अपनी आरटीपीसीआर रिपोर्ट भी थी। इस जत्थे के साथ जोधपुर से अगस्त माह में अटारी पहुंचने पर वापस लौटाया गया एक पाकिस्तानी नागारिक भी अपनी पत्नी, नवजन्मी बच्ची और अन्य बच्चों के साथ वतन लौट गया। उन्होंने बताया कि इनका अटारी सीमा पर मेडिकल किया गया और इमीग्रेशन और कस्टम चेक के बाद पाकिस्तान जाने की इजाजत दी गई।