पंचकूला। नई आबकारी नीति के तहत वर्ष 2024-25 के लिए वीरवार को 19 जोन के ठेकों की नीलामी की गई। इस नीलामी से 114.59 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। पहले दिन 39 में से 19 ठेकों की बोली लगाई गई। सेक्टर-15 का ठेका सबसे महंगा बिका। इस ठेके का आरक्षित मूल्य 8.98 करोड़ रुपये था, जबकि इसकी बोली 9.51 करोड़ रुपये पर छूटी। जिले में बीड़ घग्गर का ठेका सबसे सस्ता छूटा। यह ठेका 3.07 करोड़ रुपये में बिका। इसका आरक्षित मूल्य 2.99 करोड़ रुपये था। पिछले वर्ष 2023 में पंचकूला के 39 शराब के ठेेके 22 जोन में आवंटित थे। इनसे 122.64 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं 2022 की बात की जाए तो 21 ठेकों में कुल 207 करोड़ का राजस्व एकत्रित हुआ था।
39 में से 19 ठेेकों की हुई नीलामी
जिले में कुल 39 में से 19 ठेकों की नीलामी हुई है। इस वर्ष आरक्षित मूल्य से सात करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ है। 2024-25 में 107.38 करोड़ रुपये आरक्षित मूल्य के मुकाबले 114.59 करोड़ रुपये की नीलामी हुई। इसमें आरक्षित से 6.71 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अब 20 ठेकों की नीलामी होनी है। बचे 20 ठेकों की नीलामी जल्द ही करवाई जाएगी। जिन 19 शराब के ठेकों की ऑनलाइन बोली लगी, उसमें से 12 शराब के ठेकों की बोली में सिर्फ एक ही एजेंसी शामिल है। बचे 20 ठेकों में अभी किसी भी एजेंसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। अब उन बचे शराब के ठेकों की ऑनलाइन नीलामी की तैयारी की जा रही है। डीईटीसी आरके चौधरी ने बताया कि 39 में से 19 ठेकों की नीलामी हुई और पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा है। बचे ठेकों की नीलामी जल्द की जाएगी। वीरवार को आबकारी विभाग ने ऑनलाइन नीलामी किया था। आरक्षित मूल्य से सबसे ज्यादा 24.88 प्रतिशत के साथ पिंजौर के खोखरा का ठेका महंगा बिका। ठेके का रिजर्व प्राइस 5.95 करोड़ रुपये था और उसकी बोली 7.43 करोड़ रुपये में लगी थी।