चंडीगढ़। मारुति कार के शॉकर खराब हुए तो कार मालिक ने नए लिए, लेकिन वह भी कुछ दिन बाद आवाज करने लगे। कई बार शिकायत करने के बावजूद डिफेक्टिव शॉकर्स नहीं बदलना कंपनी को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी पाते हुए मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 2500 रुपये मुआवजा व 2500 रुपये मुकदमा खर्च देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही डिफेक्टिव शॉकर्स की कीमत 5300 रुपये भी रिफंड करने के निर्देश दिए हैं। 30 दिन में इन आदेशों की पालना करनी होगी, नहीं तो कंपनी को रिफंड और मुआवजा राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा।
मोहाली फेज-6 में रहने वाले सुरिंदर कुमार ने फोरम में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और मनीमाजरा न्यू मोटर मार्केट स्थित सीएम ऑटो सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दी थी। सुरिंदर ने शिकायत में बताया कि 10 मार्च, 2018 को उन्होंने 5300 रुपये देकर सीएम ऑटो से अपने वाहन के लिए फ्रंट शॉकर्स का एक सेट खरीदा था। उन्होंने इसे एक मैकेनिक से फिट करवाया। टेस्ट ड्राइव के दौरान सामने आया कि शॉकर्स से आवाज आ रही थी, जिसके बाद ही मैकेनिक ने शिकायतकर्ता को इन्हें बदलवाने को कहा। जब शिकायतकर्ता ने सीएम ऑटो से इस संबंध में संपर्क किया तो उसने शॉकर्स रिप्लेस करने और रिफंड करने से यह कहते हुए मना कर दिया है कि इन पार्ट्स की कोई वारंटी नहीं है। उसने शिकायतकर्ता को ईमेल के जरिए शिकायत मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड को करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने ईमेल से वहां भी शिकायत की, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद ही उन्होंने फोरम में शिकायत दी।
दूसरे दोनों पक्षों ने अलग-अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती। हालांकि सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फोरम ने मारुति सुजुकी और सीएम ऑटो सेल्स को दोषी पाया।