नॉन टीचिंग की खाली सीटें भरने के लिए मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव
- 755 पोस्ट हैं क्लर्क की, काम कर रहे हैं महज 355 ही
- एक कर्मी को तीन से चार व्यक्तियों का करना पड़ रहा है काम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू में नॉन टीचिंग स्टाफ पर भार बढ़ता ही जा रहा है। स्वीकृत 755 पोस्ट में से महज 355 ही कर्मचारी काम कर रहे हैं। 400 पोस्ट खाली हैं। इन पर तैनाती नहीं हो पा रही है। कर्मचारी यूनियन का दबाव पड़ने के बाद पीयू प्रशासन ने यह प्रस्ताव मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा है।
40 साल पहले क्लर्क के यह पद स्वीकृत थे। उस दौरान काम के मुताबिक यह पद थे। इन वर्षों में 166 से अधिक कोर्स शुरू कर दिए गए। विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़कर पीयू में 20 हजार से अधिक पहुंच गई। इसके कारण काम बढ़ गया। लोग सेवानिवृत्त हो गए। कर्मियों की संख्या अब 355 ही बची हुई। एक व्यक्ति को तीन से चार कर्मियों के बराबर काम करना पड़ रहा है। पीयू नॉन टीचिंग इम्प्लाई फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक कौशिक कहते हैं कि इस मामले को लेकर वीसी को तीन बार बताया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यह प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों की तैनाती होगी। अध्यक्ष दीपक कौशिक कहते हैं कि जब तक मंजूरी मिलेगी तब तक कर्मियों की पीड़ा कई गुना और बढ़ जाएगी। इसका असर पीयू की रैंकिंग पर भी पड़ रहा है।