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नवदीप ने किया देश में पहला स् थान हासिल

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कैंसर के मरीजों की सेवा करूंगा : नवदीप सिंह
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नीट में चंडीगढ़ से कोचिंग लेने वाले नवदीप ने किया टॉप
कहा, एनसीईआरटी की किताबें पढ़ने से मिली सफलता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) की परीक्षा में चंडीगढ़ से कोचिंग लेने वाले नवदीप सिंह ने देश में पहला स्थान हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। नवदीप ने बताया कि उन्होंने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने छह महीने तक 10 घंटे तक पढ़ाई की। एग्जाम से दो महीने पहले तो वे रोज 14 घंटे पढ़ते थे। सेक्टर-35 के एक होटल में शुक्रवार को बातचीत के दौरान नवदीप सिंह ने बताया कि वे डाक्टर बनकर कैंसर के मरीजों की सेवा करना चाहते हैं। वे दिल्ली में मौलाना आजाद कॉलेज में दाखिला लेंगे।
मुक्तसर से यहां पहुंचे नवदीप ने बताया कि पिता गोपाल सिंह उनके रोल मॉडल हैं। गोपाल सिंह कॉलेज में प्रिंसिपल हैं। उन्होंने हमेशा अपने बेटे का उत्साह बढ़ाया है। नवदीप ने बताया कि 10वीं उन्होंने अकाल एकेडमी मुक्तसर और 12वीं शिवालिक पब्लिक स्कूल मुक्तसर से की है। चंडीगढ़ से कोचिंग लेने केे बाद इस टेस्ट में टॉप करने पर वे बेहद संतुष्ट हैं। नवदीप ने बताया कि फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्नों की तैयारी के लिए उन्होंने सबसे अधिक एनसीईआरटी की किताबें पढ़ीं। इसी तैयारी के बल पर उन्हाेंने यह मुकाम हासिल किया है।
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क्रिकेट और सोशल मीडिया को मिस किया
नवतेज ने बताया कि वे दो साल क्रिकेट से दूर रहे। हालांकि उनका फेवरेट खेल क्रिकेट है। वहीं उन्होंने दो साल तक फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप का इस्तेमाल भी नहीं किया। पढ़ाई के बाद जो समय मिलता था वह उसमें सोते थे। तनाव से दूर रहने के लिए वे मेडिटेशन करते थे। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के बाद रिवीजन करना बहुत जरूरी है। वह एलेक्स कोचिंग के स्टूडेंट्स थे।
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697 अंक हासिल किए
नवदीप सिंह ने 697 अंक हासिल करने के साथ 99.99 परसेंटाइल हासिल किया है। नवदीप सिंह के पिता गोपाल सिंह मुक्तसर के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उनकी मां सिमरजीत कौर एलआईसी का काम करती हैं।
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