खुशियां चाहिए तो आत्म मन की सुनो: खुर्शेद
प्रेस क्लब सेक्टर-27 में किताब हैप्पीनेस एक्सप्रेस का विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चाहे हम आईआईटी या आईआईएम, हार्वर्ड से शिक्षा ग्रहण कर लें, लेकिन जब तक आत्म मन की आवाज फॉलो कर अपने जुनून को कैरियर नहीं बनाते, तब तक खुशियां हम तलाशते रहते हैं। इसलिए मन की सुनो, खुशियां अपने आप जीवन में आएंगी। जिंदगी में खुशियों का यह मंत्र आईआईटी बॉम्बे के दिनेश गोड़के व खुर्शेद बाटलीवाला ने दिया। दोनों लेखकों ने युवाओं को जिंदगी खुश होकर जीने का मंत्र अपनी किताब हैप्पीनेस एक्सप्रेस में बयां किया है। इसका विमोचन वीरवार को प्रेस क्लब सेक्टर-27 में किया गया। इसे गेस्ट ऑफ ऑनर मोटिवेशनल स्पीकर पूर्व आईएएस विवेक अत्रे ने लांच किया। इस दौरान किताब पर अपने अनुभव को दोनों लेखकों ने चिट चैट सेशन में साझा किया।
युवा रहना है तो रोज नया सीखो
लेखक खुर्शेद ने कहा कि वर्तमान समय में हम अपना फोन नंबर भी याद नहीं रख सकते हैं। हम लोग सोने से ज्यादा डेस्क पर समय बिताते हैं, यदि आप जवान रहना चाहते हैं तो कुछ न कुछ नया सीखते रहना चाहिए। वहीं, पूर्व आईएएस विवेक अत्रे ने कहा कि ऐसी किताबें युवाओं की जीवन शैली को बदल कर जीवन को सुखद बना सकती हैं और ऐसी किताबों की भारत व पूरे विश्व को जरूरत है।