व्यापारियों पर बढ़ा बोझ, प्रापर्टी टैक्स 10 प्रतिशत महंगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
शहर के व्यापारियों को निगम ने झटका देते हुए प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। बुधवार नगर निगम की सदन की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पास किया गया। हालांकि कांग्रेस ने इसका जमकर विरोध किया। शहर में 30 हजार कामर्शियल प्रापर्टी है जिन पर बढ़ा हुआ प्रॉपर्टी टैक्स लागू होगा। इस समय प्रॉपर्टी की रेंटएबल वैल्यू का 3 प्रतिशत प्रापर्टी टैक्स चार्ज किया जाता है जो अब 3.30 प्रतिशत हो जाएगा।
सदन में जब आडिट विभाग द्वारा साल 2003 से लेकर अब तक प्रापर्टी टैक्स का रेट रिवाइज न करने पर 92 करोड़ रुपये का नुकसान होने की रिपोर्ट मिलने के साथ ही प्रापर्टी टैक्स का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव भाजपा ने मनोनीत के समर्थन के साथ पास किया। काफी बहस के बाद हाउस टैक्स कमेटी के चेयरमैन चरणजीव सिंह ने ही 5 से 10 प्रतिशत रेट बढ़ाने का सुझाव रखा। पूर्व मेयर अरुण सूद ने प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि अधिकारी चाहते थे कि 30 से 40 प्रतिशत तक का रेट बढ़ाया जाए। कांग्रेस पार्षद दल के नेता दविंदर सिंह बबला ने इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध करते हुए कहा कि आशा जसवाल को टैक्स वाली मेयर के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि साल 2003 में जब यह टैक्स लगाया गया था उस समय प्रापर्टी बाजार काफी ऊपर था लेकिन इस समय जीएसटी लगने से प्रापर्टी के रेट में गिरावट आई है। किराए में भी गिरावट आने से प्रापर्टी टैक्स का रेट बढ़ना नहीं बल्कि कम होना चाहिए। बबला ने कहा कि पहले से ही शहरवासियों पर काफी बोझ डाला गया है उन्होंने बिजली के बिल कई गुना बढ़ गए हैं। बबला ने चरणजीव सिंह द्वारा प्रस्तावित किए गए रेट का भी विरोध किया।
मेयर आशा जसवाल ने बबला को जवाब देते हुए कहा कि उनकी ड्यूटी है कि वह नगर निगम को कंगाल होने से बचाए। जसवाल ने कहा कि जब पैसे ही नहीं होंगे तो विकास कार्य कैसे होगा। भाजपा पार्षद सतीश कैंथ ने कहा कि इस समय शहर में कई कामर्शियल प्रापर्टी के मालिक है जो कि टैक्स दे ही नहीं रहे हैं। ऐसे में सर्वे करवा कर उन्हें भी शामिल किया जाए। भाजपा पार्षद विनोद अग्रवाल ने कहा कि अगर शहरवासियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी जाएगी तो शहरवासियों से पैसे भी लिए जाएंगे उन्होंने शहरवासी नगर निगम को सुविधाओं के बदले में टैक्स देने के लिए तैयार है।
कांग्रेस के समय विरोध अब समर्थन
पूर्व मेयर अरुण सूद ने सदन में प्रापर्टी टैक्स का रेट बढ़ाने के लिए नगर निगम की वित्तीय हालत को सामने रखा। मालूम हो कि जब सूद विपक्ष में थे तो साल 2013 में जब हाउस टैक्स एक रुपये स्केयर गज के हिसाब से रेट बढ़ाने का फैसला कांग्रेस कार्यकाल में लिया गया था तो सूद ने भाजपा पार्षदों के साथ मिलकर सदन में विरोध में काली पट्टी बांधकर जमकर हंगामा किया था।
इस समय यह रेट चार्ज हो रहे हैं जिन पर 10 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला लिया गया
समूह सेक्टर जोन ए (प्रति स्केयर फीट) बी सी डी
1 17 20 15 13 50 रुपये प्रति माह
2 22,34,35 16 13 12 50 रुपये प्रति माह
3 7,8,9,15,19 और 26 14 12 9 50 रुपये प्रति माह
4 अन्य सेक्टर,फेज-1 और2 10 8 6 50 रुपये प्रति माह
5 क्लब, संस्था औन पेट्रोल पंप सभी जोन का 10 रुपये प्रति स्केयर फीट