गुरदासपुर, पठानकोट में हाई अलर्ट
गुरदासपुर। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) ने सुरक्षा एजेंसियों को दो बड़े आतंकी हमलों की सूचनाएं दी है। पहली सूचना के आधार पर जम्मू कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में हुआ हमला शामिल है। आईबी की दूसरी सूचना के अनुसार हथियारों से लैस ट्रेंड जैश ए मोहम्मद के फिदायीन पाकिस्तान के रास्ते से भारत में घुस आए है और उनका निशाना आर्मी कैंप तथा अन्य सुरक्षा बलों के कैंप इत्यादि है। जैश ए मोहम्मद पठानकोट एयरबेस हमले की तरह ही कोई बड़ा हमला करने की फिराक में है।
पहला अलर्ट आईबी 23 अगस्त को जारी किया था। इसमें कहा गया था जैश ए मोहम्मद के फिदायीन 15-16 अगस्त की रात पाकिस्तान सीमा से पुंछ के रास्ते भारत में दाखिल हुए और दो, तीन या चार गुटों में बंट गए। यह भी बताया गया कि एक गुट जम्मू व एक गुट श्रीनगर की और गया गया। दूसरा अलर्ट 24 अगस्त को भेजा गया था। इसमें बताया गया कि जैश ए मोहम्मद के चार फिदायीन भारी हथियारों से लैस होकर नारोवाल (पाकिस्तान) के जिला शकरगढ़ से जम्मू दाखिल होते हुए 16-17 की रात को गुरदासपुर पहुंचे हैं। गुरदासपुर एरिया में पहुंचने वालों की संख्या 8 से 9 बताई जा रही है। पूंछ सेक्टर में सीमा की निगरानी सेना और गुरदासपुर की सीमा की सुरक्षा का जिम्मा बीएसएफ के पास है।
इस संबंधी जब गुरदासपुर के एसएसपी भूपिंदरजीत सिंह विर्क से बात की गई तो उन्होंने अपने इलाके में कोई आतंकी घुसने की सूचना को गलत तो नहीं बताया पर सही भी नहीं ठहराया। उनका कहना था कि इतने दिन कोई आतंकवादी कैसे छिप सकता है। पुलिस ने सेकेंड लाईन आफ कंट्रोल के साथ जगह-जगह नाके लगा रखे है। इलाके में पड़ते डेरों की घरों की चेकिंग हो चुकी है। उन्हें कोई सुराग नहीं मिला हैं। फिर भी एहतियात के तौर पर पुलिस को हाई अलर्ट पर गया है।
पुलिस की सेना, बीएसएफ के साथ बैठक
एसएसपी भूपिंदरजीत सिंह विर्क ने बताया कि बुधवार को ही उनकी औपचारिक बैठक बीएसएफ के डीआजी राजेश शर्मा, आर्मी के अफसरों, के साथ हुई है। वह सब हाई अलर्ट पर है। विर्क ने बताया कि हमारी मीटिंग समय-समय पर होती रहती है और हमारी हर गतिविधि पर नजर रहती है। उन्होंने कहा यदि 8 आतंकी पंजाब के इलाके में होते तो कब के पकड़े जाते या तो मारे जाते। पुलिस तथा अन्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी प्रकार का कोई खतरा मोल नहीं ले रही।