मोहाली जिले की सड़कें हुईं खूनी
छह महीने में 150 लोगों की गई जान
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
वीआईपी जिले की सड़कें खूनी हो गई हैं। छह महीने में करीब डेढ़ सौ लोगों की जान जा चुकी है। हादसों की वजह तेज रफ्तार से लेकर आधा अधूरा रोड सेफ्टी इंन्फ्रास्ट्रक्चर जिम्मेदार है। दूसरी तरफ जहां तक ट्रैफिक पुलिस और पीसीआर की बात है तो उनका मकसद चलान काटने तक सीमित होकर रह गया। दूसरी तक ट्रैफिक कंट्रोल करने की तरफ पुलिस ध्यान नहीं दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, जिले में सबसे ज्यादा हादसे खरड़ सब डिवीजन में हुए हैं। 48 लोगों की मौत खरड़ में हुई है। जबकि लालड़ू में 29 की जान गई है। इन इलाकों में हादसों की वजह रोड का निर्माण कार्य शामिल है। खरड़ से मोरिंडा का रोड असुरक्षित माना जाता है। इस इलाके में ही सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं। इसी तरह एयरपोर्ट रोड पर हादसों में कई लोगों की जान गई है।
शहर में इन जगहों पर होते हैं हादसे
मोहाली शहर में एयरपोर्ट रोड पर राधा स्वामी चौक और बाकरपुर चौक पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। इसी तरह लांडरा खरड़ रोड पर तन्गोरी के पास का एरिया सबसे खतरनाक माना जाता है। यहां पर हर हफ्ते हादसे में दो लोगों की जान चली जाती है। लोग कई बार राधा स्वामी चौक पर राउंड अबाउट बनाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।
शॉर्टकर्ट देते हैं हादसों को न्योता
शहर में हादसों की दूसरी वजह लोगों द्वारा मुख्य सड़कों पर अपनी सुविधा के लिए बनाए गए अवैध कट हैं। जहा पर अक्सर हादसे होते हैं। इन जगहों पर अधिकतर दो पहिया वाहन चालक हादसों का शिकार होते थे। कई बार प्रशासन इन अवैध कटों को बंद कर चुका है, लेकिन लोगों ने इसे दोबारा खोल दिए।
ऐसे हुए हादसे
माह लोग मरे घायल लोग
जुलाई 19 25
अगस्त 18 28
सितंबर 25 25
अक्तूबर 33 18
नवंबर 16 19
दिसंबर 37 21
2017 के आंकड़े