चंडीगढ़। शहर में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्टों में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने को लेकर शुक्रवार को एक फ्रेंच प्रतिनिधिमंडल यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और एडवाइजर मनोज परिदा से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में फ्रांस की 15 कंपनियां थीं जिन्होंने बदनौर व परिदा से मिलकर शहर में शुरू होने जा रहे विभिन्न प्रोजेक्टों में हिस्सेदारी की इच्छा जताई। उन्हें आश्वासन दिया गया कि शहर के बहुत से प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनमें केंद्र सरकार की ओर से दिशा निर्देश आते हैं, लिहाजा पहले वह इसको लेकर केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजेंगे और जो डायरेक्शन वहां से आएंगे उसी के अनुसार आगे काम करेंगे।
एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि फ्रेंच डेलीगेशन के साथ पहुंची फ्रांस की कंपनियों ने ट्रांसपोर्ट मोबीलिटी के प्रोजेक्ट पर प्रशासन के साथ काम करने की इच्छा जताई। इस पर डेलीगेशन को कहा गया कि ट्रांसपोर्ट को लेकर जल्द ही पालिसी बनने जा रही है। उसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मेट्रो पर काम करना है या मोनो रेल पर। जैसा भी तय होगा उसके अनुसार आगे टेंडर जारी किए जाएंगे। एक टीम सर्वे के लिए लगाई गई है कि इन दोनों में से कौन सा प्रोजेक्ट सही रहेगा, उसके बाद अंतिम फैसला होगा। करीब माह के बाद टेंडर की प्रक्रिया जारी की जाएगी।
मनीमाजरा में फ्रांस की एएफडी कंपनी 24 घंटे पानी दिए जाने के प्रोजेक्ट में मदद कर रही है। उसको लेकर फ्रांस की कंपनी ने लोन भी दिया है। इस काम को फ्रेंच कंपनी की मदद से आगे बढ़ाया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विभिन्न प्रोजेक्टों को लेकर डेलीगेशन ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट की मांग भी की। इसके बारे में कहा गया कि जल्द ही इसके तहत शुरू होने जा रहे प्रोजेक्टों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर उन्हें सौंप दी जाएगी। अगर अपने इंट्रस्ट की कोई फील्ड कंपनियों को लगती है तो वह टेंडर प्रक्रिया के दौरान अपना टेंडर भर सकती हैं।
चंडीगढ़ में कल्चरल प्रोटेक्शन को लेकर फ्रेंच डेलीगेशन को अपना कंसलटेंट एक्सपर्ट देने पर एडवाइजर मनोज परिदा ने बातचीत की जिसमें शहर में कई म्यूजियमों का संरक्षण वगैरह शामिल है। फ्रेंच वास्तुकार ली-कार्बूजिए, पियरे जैनरेट के म्यूजियम व हाउस चंडीगढ़ में स्थित हैं। इनसे जुड़ी और भी हेरिटेज की बहुत से चीजें शहर में मौजूद हैं। कंसलटेंट एक्सपर्ट इसको लेकर प्रशासन को बेशकीमती सुझाव दे सकता है। कैपिटल कांप्लेक्स के संरक्षण पर भी बातचीत हुई जिसे लेकर फ्रेंच डेलीगेशन ने काफी रुचि दिखाई और इस पर सकारात्मक बातचीत की उम्मीद है। हेरिटेज बिल्डिंग को लेकर जल्द प्रशासन एक कमेटी बनाएगा जो केंद्र को अपना सुझाव भेजेगी कि किस तरह से हेरिटेज की आइटमों को सुरक्षित रख सकता है। केंद्र की ओर से इस पर जो भी फाइनल अप्रूवल आएगी यूटी प्रशासन उसी के अनुरूप काम करेगा।
यहां बता दें कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति औलांद भी जब चंडीगढ़ दौरे पर आए थे तो उनके साथ बहुत सी फ्रेंच कंपनियों ने चंडीगढ़ के विभिन्न प्रोजेक्टों में रुचि दिखाई थी। उम्मीद जताई जा रही है कि स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे प्रोजेक्टों में बहुत सी फ्रेंच कंपनियों को उनकी एक्सपर्टिज के अनुसार टेंडर दिए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में ये थे शामिल
फ्रांस के प्रतिनिधिमंडल में फ्रांस के भारत में राजदूत अलैक्जेंडर जेगिलर, मिस्टर जीन, मार्क फैनेट (मिनिस्टर काउंसिलर एंड हेड रीजनल सर्विस फॉर साउथ एशिया), निकोलस फोरनेज, सिवियन शैवहोयन डायरेक्ट (एएफ) सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
सेक्टर 17 में दौरा करेगा प्रतिनिधिमंडल
शनिवार सुबह 11 बजे फ्रांस का प्रतिनिधिमंडल सेक्टर 17 का दौरा करेगा। इसके बाद सेक्टर 17 के विकास के लिए एक रोड मैप तैयार करेगा। बता दें की यूटी प्रशासन की ओर से सेक्टर 17 के विकास का प्रस्ताव फ्रांस के प्रतिनिधि मंडल के सामने रखा है।