बिजली न पानी.. सुलभ शौचालय की यही कहानी
- निगम की ओर से जांचे जा रहे शहर के 125 टॉयलेट
- सुलभ शौचालय को दिए निर्देश जल्द ठीक कराओ नहीं तो रद्द कर देंगे कांट्रेक्ट
- टायलेट में मिली खामियों पर ईओ ने जताई नाराजगी
- निगम रिपोर्ट बनाकर कंपनी को जारी करेगा शो काज नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। शहर के सुलभ शौचालय की हालात सुधारने के दावे निगम की ओर से किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सुलभ शौचालयों की हालात अभी तक बदतर है। शहर के किसी सुलभ शौचालय में बिजली, तो किसी में पानी की किल्लत है। टॉयलेट में लगे बिजली के बोर्ड खराब हैं। टॉयलेट में गंदगी फैली है। इसके चलते शौचालय का इस्तेमाल करने से लोग कतरा रहे हैं। अमर उजाला टीम ने शहर के सेक्टरों के टॉयलेट का जायजा लिया तो कई तरह की कमियां देखने को मिलीं। अधिकांश टॉयलेट के दरवाजे, शीशे, वाश बेसिन टूटे मिले। निगम के कार्यकारी अधिकारी जांच के बाद सुलभ शौचालय कंपनी पर नाराजगी जाहिर की है।
नगर निगम के पास 125 पब्लिक टॉयलेट हैं। इनकी रिपेयर का ठेका सुलभ शौचालय कंपनी को नगर निगम ने दिया है। सुलभ शौचालय की स्थिति देखने के लिए अपनी टीम के साथ नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी जनरैल सिंह निकले। यह टीम जांच कर रही है कि किस टॉयलेट में क्या कमी है। टीम सेक्टर -6 स्थित शौचालय गई। यहां ने देखा कि पानी नहीं है और बल्ब गायब है। टॉयलेट के दरवाजे ठीक नहीं है। इस पर जांच टीम ने खामियों को नोट किया। इसके बाद टीम ने सेक्टर -8 स्थित मार्केट के टॉयलेट की जांच की। यहां के हालात भी असंतुष्ट मिले। निगम की टीम को यहां खामियों का अंबार मिला। निगम को सेक्टर -8 के टॉयलेट में दरवाजे नहीं मिले। वहीं, लेडीज टॉयलेट के दरवाजे निकले हुए थे। उन्होंने वहां तैनात कर्मचारी से पूछा कि इसकी रिपेयर क्यों नहीं करवाई गई। इस पर जवाब मिला कि रिपेयरिंग चल रही है। इस पर कार्यकारी अधिकारी ने जल्द रिपेयर करवाने को कहा। इसके अलावा उन्होंने शहर के सेक्टर -7, 9, 12, 15 सहित सभी टॉयलेट का दौरा किया। इन सभी में बल्ब और पानी नहीं मिला। इस कारण उन्होंने नाराजगी जताई।
टॉयलेट इस्तेमाल करने वालों ने जताई नाराजगी
सेक्टर -8 में टॉयलेट का इस्तेमाल करने वाले राजेश बिश्नोई, सुधीर वत्स ने बताया कि यहां के टॉयलेट की रिपेयर ठीक नहीं की गई है। इस कारण यहां पर गंदगी बनी रहती है। इसे निगम ठीक कराने के नाम पर पैसा बहा रहा है। टॉयलेट कब ठीक होगा। यह एक बड़ा सवाल बना है।
एक करोड़ का बजट बनाया
125 टॉयलेट की रिपेयर के लिए करीब एक करोड़ रुपये का बजट बनाया गया है। अभी तक सुुलभ शौचालय कंपनी की ओर से इसे ठीक नहीं किया गया है। इस तरह के हालात में लोग कैसे सही तरीके से टॉयलेट का इस्तेमाल कर पाएंगे। सुलभ कंपनी को कई बार अल्टीमेटम भी दिया जा चुका है। इसके बाद भी काम में कोई सुधार नहीं हो पाया है।
नगर निगम की ओर से कंपनी के रिपेयर टॉयलेट की जांच की गई है। इसमें हमें खामियां मिली हैं। अगर कंपनी टॉयलेट की स्थिति को नहीं सुधारेगी तो उसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिलेगा तो टेंडर कैंसिल कर कंपनी पर निगम की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - जनरैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम