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कुछ समय तक व्यापारियों को राहत

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व्यापारी बोले- वह स्ट्रीट वेंडर नहीं, शॉप एक्ट में आते हैं, जुर्माने से राहत दें
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नगर निगम कमिश्नर से मिला चंडीगढ़ व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल
कहा- जब तक वेंडर अलाट हुए साइट पर नहीं जाते तब तक नहीं लिया जाए 10 हजार जुर्माना
कमिश्नर यादव ने मांग पर विचार करने का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ के व्यापारियों ने 10 हजार रुपये के जुर्माने से राहत देने की मांग की है। वीरवार को चंडीगढ़ व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल नगर निगम के कमिश्नर केके यादव से मिला। व्यापारियों ने कमिश्नर से कहा कि वह स्ट्रीट वेंडर एक्ट में नहीं आते। वह शॉप एक्ट में आते हैं। इसलिए दस हजार रुपये का जुर्माना ठीक नहीं है। उन्होंने मांग की कि जब तक वेंडर को अलाट किए साइट पर नहीं भेजा जाता तब तक 10 हजार रुपये का जुर्माना नहीं लिया जाए। प्रतिनिधिमंडल में चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन और मनोनीत पार्षद चरणजीव सिंह, प्रधान अनिल वोहरा, महासचिव संजीव चड्ढा और सचिव अनुज सहगल साथ थे।
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सदन में एजेंडा लाने की मांग
चरणजीव सिंह ने बताया कि उन्होंने निगम कमिश्नर से मांग की कि वे नगर निगम सदन की बैठक में इस संबंध में एक एजेंडा लाएं। इस एजेंडे में 10 हजार रुपये के फाइन को हटाकर दुकानदारों को पहले जो पांच सौ रुपये का जुर्माना होता था उसमें उचित बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने कहा कि कमिश्नर ने सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है।
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कोट्स...
व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल मिलने आया था। उन्होंने अपनी मांग रखी है। इस पर विचार होगा कि इसका किस प्रकार समाधान किया जाए।
-केके यादव, आईएएस, कमिश्नर नगर निगम।
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