रजवाहे टूटने से फसलें जलमग्न
मानसा। बारिश के कारण मानसा के नजदीक मूसा व उड़त रजबाहे टूट जाने के कारण करीब 500 एकड़ धान व नरमे की फसल डूब गई है। किसानों ने रजवाहों की सफाई न करने का आरोप लगाते हुए विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। विभाग अधिकारियों का कहना है कि पानी बंद करवा दिया गया है ओर जल्द ही दरार को बंद कर दिया जाएगा।
गांव कोटधर्मू के पास शनिवार सुबह रजवाहा टूट गया। करीब 50 फीट दरार पड़ने के चलते गांव कोटधर्मू व नंगल कलां की 350 एकड़ नरमें व धान की फसल पानी में डूब गई है। वहीं शुक्रवार मानसा के पास मूसा रजवाहे में करीब 70 फीट दरार पड़ने से 150 एकड़ फसल खराब हो गई है। पीड़ित किसान बूटा सिंह, गुरजंट सिंह, लीला सिंह, नछतर सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से इस रजवाहे पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा। पहले भी चकेरिया से लेकर मानसा के बीच करीब 10 जगह से रजवाहा टूट चुका है। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से न तो सफाई कराई और न ही अन्य स्थानों की ओर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त रजबाहा करीब 40 साल पहले बना था। इसकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इससे हर साल किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल खराब हो रही है।
किसान नेता गुरजंट सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि विभाग से 31 अगस्त को बारिश के चलते इन रजबाहों से पानी की मात्रा कम करने के लिए कहा गया था। विभाग ने पानी कम नही किया तो 1 सितंबर को पानी का लेबल जीरो करने के लिए कहा गया। पानी कम न करने से उक्त रजबाहा टूटा है।
नहरी विभाग के जेई जसकरन सिंह ने बताया कि उक्त रजबाहा किशनगढ़ फरवाही से लेकर टांडिया तक है, जो 35 किलोमीटर का एरिया है। उन्होंने कहा कि सफाई के लिए विभाग के पास इस रजबाहे पर सिर्फ 4 कर्मचारी हैं। इतने एरिया को कवर करना उनके लिए भी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि रजबाहे में पड़ी दरार को जल्द ही बंद कर दिया जाएगा पीछे से पानी बंद करा दिया गया है।